सर्दियों की शुरूआत के साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी में कटौती कर दी है। ट्रायल आधार पर 20 फीसदी तक पानी की कटौती की जाएगी। यानी अब शहर में 60 एमएलडी की बजाए 50 एमएलडी पानी की सप्लाई होगी। सर्दियों में घटी पानी की मांग और लीकेज की संभावनाओं के चलते यह निर्णय लिया गया है। नई प्लानिंग के तहत सभी जगह शुरुआत में 10 से 15 मिनट की कटौती की जाएगी।
पेयजल आपूर्ति के दौरान शहर के विभिन्न जोनों में एक से डेढ़ घंटे तक पेयजल आपूर्ति का समय निर्धारित किया हुआ है। इस समय पूरे शहर को रोजाना 60 एमएलडी पानी की पेयजल आपूर्ति दी जा रही है, जबकि 10 से 15 मिनट की कटौती के बाद 10 एमएलडी पानी की बचत की जाएगी और पेयजल सप्लाई में 50 एमएलडी पानी ही शहरवासियों को मिलेगा। पानी की कटौती का सिलसिला अगले करीब दो महीने तक जारी होगा।
पेयजल लाइन फटने का बन रहा डर : पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को मौसम परिवर्तन के साथ अचानक ही पानी की खपत घटने के दौरान पानी के प्रेशर से लाइन फटने का डर बना रहता है, क्योंकि पानी के अत्यधिक दबाव के चलते लाइन लीकेज की सबसे अधिक संभावनाएं बनी रहती हैं, इसके अलावा दूषित पेयजल आपूर्ति की दिक्कतें भी आने लग जाती हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारियों को भी शहर के पेयजल आपूर्ति के शेडयूल में बदलाव कर इस तरह की दिक्कतों पर विराम लगा लाखों के नुकसान से बचने का प्लान बनाना जरूरी हो गया। गर्मियों के दिनों में टेल पर लगने वाले इलाकों में गंभीर पेयजल संकट भी पैदा हो जाता है। जबकि सर्दियों में डिमांड घटने से इस तरह की कोई दिक्कत नहीं आती।
शहरी दायरे में 35 हजार वैध उपभोक्ता : पब्लिक हेल्थ की शहरी पेयजल आपूर्ति के दायरे में 35 हजार वैध उपभोक्ता आते हैं, जबकि विभागीय सर्वेक्षण के अनुसार वैध पेयजल कनेक्शनों जितने ही अवैध कनेक्शन है। यानी करीब 70 हजार उपभोक्ता शहर में है।
शहरी जोन में ट्रायल के तौर पर होगी पानी कटौती की शुरुआत : पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी पेयजल कटौती के लिए पहले प्रत्येक जोन में ट्रायल आधार पर इसकी शुरूआत करेंगे। वे अलग-अलग टाइम में पानी की कटौती कर यह जांचेंगे कि इससे पेयजल आपूर्ति को लेकर कोई परेशानी न हो। इसके बाद एक निश्चित अवधि के दौरान टाइम सेट कर उस आपूर्ति को पूरे सर्दी के मौसम के लिए निश्चित किया जाएगा।
ये हैं शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए जल भंडारण की क्षमता : पूरे शहर को तीन मुख्य जलघरों के जरिए पेयजल आपूर्ति की सप्लाई दी जा रही है। जलघरों से शहर के करीबन 13 से 15 बूस्टिंग स्टेशनों पर भी पानी की आपूर्ति होती है। इसमें महम रोड के जलघर में पानी भंडारण की क्षमता 20 एमएलडी, निनान वाटर वर्क्स से 20 एमएलडी व डाबर कॉलोनी के जलघर की क्षमता 29 एमएलडी तक बनी हैं। एक बार में नहर आने पर तीनों ही जलघर पूरे शहर को 20 से 25 दिनों तक आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी भंडारण कर सकते हैं।
ये है पानी आपूर्ति का शेडयूल : पूरे शहर को करीबन 20 से 25 जोन में बांटा हुआ है। रोजाना सुबह चार बजे से पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाती हैं तो सुबह साढ़े नौ बजे तक आपूर्ति निर्धारित है, जबकि शाम चार बजे से देर रात आठ बजे तक पानी की विभिन्न इलाकों में आपूर्ति दी जाती है। डिस्पोजल और वाटर टैंक पर बड़ी मोटरों से पानी की मुख्य लाइनों में प्रेशर बनाया जाता है, जिसके बाद ही घरों तक पानी की आपूर्ति पहुंचती है।
इस समय पूरे शहर में 60 एमएलडी पानी की आपूर्ति दी जा रही हैं, जबकि आगामी सर्द दिनों में पेयजल आपूर्ति में दिए जा रहे पानी में कटौती की जाएगी। इसके लिए सभी जेई और बूस्टिंग स्टेशन इंचार्जों को निर्देश दिए जा चुके हैं। इससे पानी की बर्बादी कम होगी और स्वच्छ पानी की बचत होगी। टेल पर लगने वाले इलाकों में कोई कटौती नहीं होगी।
- रुपेश चंद, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल आपूर्ति शाखा।