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न बारिश हुई न ही लाइन लीकेज, फिर भी गली में जमा है ढाई फीट पानी

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ठप सीवर व्यवस्था से नाराज क्षेत्रवासी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कते हुए। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
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न बारिश हुई न लाइन लीकेज, फिर भी गलियों में ढाई फीट तक पानी। यह हाल है अशोका कॉलोनी का। हालात यह है कि बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए उन्हें कंधों पर बैठाकर गली पार करानी पड़ती है। कई घरों में भी पानी जमा हो गया है। सीवर बैक मार रहे हैं।
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यह समस्या अकेले अशोका कॉलोनी की नहीं है बल्कि शहर की अधिकांश कॉलोनियों में सीवर व्यवस्था ठप होने के कारण परेशानी बनी है। लोगों की परेशानी को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग अब बावड़ी गेट से देवसर चुंगी तक की मुख्य लाइन की सुपर सोकर मशीनों से सफाई कराने की तैयारी कर रहा है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है और संभवत: मार्च माह में मुख्य सीवर लाइनों की सफाई होगी।
शहर के जीतुवाला जोहड़ रेलवे फाटक अशोका कॉलोनी की स्वर्गाश्रम की गली में पिछले डेढ़ साल से सीवरेज व्यवस्था ठप है। पिछले एक सप्ताह से इस इलाके में सीवर का गंदा पानी सड़क पर जमा है। सीवर मैनहोल ओवरफ्लो कर रहे हैं वहीं विवाह शादियों में बचने वाला बेकार खाना व गोबर तक सीवर के अंदर ही डाला जा रहा है। सोमवार को अशोका कॉलोनी के लोगों ने ठप सीवरेज व्यवस्था को लेकर पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि विधायक से लेकर एमसी तक काफी बार शिकायतें दी, मगर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। मशीन एक बार सीवर मैनहोल को खाली कर जाती है, लेकिन थोड़े अंतराल के बाद फिर से इसमें गंदा पानी जमा हो जाता है। गंदे पानी की आगे निकासी न होने की वजह से सीवरेज मैनहोल भी ओवरफ्लो कर रहे हैं।
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कृष्णा कॉलोनी से जीतुवाला रेलवे फाटक की तरफ जाने वाले मार्ग स्थित अशोका कॉलोनी के स्वर्ग आश्रम की गली निवासी अनिल कुमार, पुनीत शर्मा, लक्ष्मी, छाया देवी सहित इन्द्रपाल कालू नंबरदार ने बताया कि वार्ड नंबर 22 के अंतर्गत आने वाले इलाके में पिछले डेढ़ साल से सीवरेज व्यवस्था ठप पड़ी है। कई जगह से गंदे पानी की निकासी आगे नहीं हो रही है। इसकी एक वजह यह भी है कि यहां कुछ अवैध रूप से पशुपालन कर रहे लोग सीधे सीवर के अंदर ही गोबर डाल रहे हैं, जबकि रिहायशी इलाके में कैटरिंग के सामान के गोदाम बने हैं। विवाह शादियों से बचा हुआ खाना भी सीधे सीवरेज मैनहोल में ही डाला जा रहा है। इससे की यहां की सीवरेज व्यवस्था ठप हो गई है। मशीनों के माध्यम से सीवरेज मैनहोल खाली किए जा रहे हैं, लेकिन ये फिर से गंदे पानी से भर जाते हैं। सीवरेज मैनहोल ओवरफ्लो होकर गंदा पानी अब गलियों के अंदर ही जमा हो गया है। गली में घरों के आगे खड़े दो से ढाई फीट गंदे पानी से ही लोग आगमन करने पर मजबूर हैं।
हर जगह लगाई गुहार, नहीं हुआ समाधान : इंद्रपाल कालू नंबरदार ने बताया कि ठप सीवरेज समस्या को लेकर विधायक से लेकर एमसी तक काफी बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। कॉलोनी में गंदा पानी सड़कों पर ठहराव की वजह से बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बना है। लोग बदबू भरे माहौल में रहने पर मजबूर हो गए हैं। कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर रहे हैं, वैकल्पिक तौर पर सुपर शकर मशीन से गंदे पानी की निकासी करा देते हैं, जिससे की सुबह और शाम पानी की सप्लाई आते ही फिर से गलियों में गंदा पानी लबालब हो जाता है। गलियां गंदे पानी की वजह से तालाब में तबदील होकर रह गई हैं। सुबह बच्चों को भी स्कूल इसी गंदे पानी के बीच से होकर जाना पड़ता है। वहीं बुजुर्गों की सेहत भी गंदे पानी की वजह से बिगड़ रही है। कॉलोनी के लोगों ने जल्द से जल्द ठप सीवरेज व्यवस्था समाधान की मांग उठाई है।
शहर की मुख्य सीवर लाइनों की सफाई की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। करीब 45 लाख से बावड़ी गेट से देवसर चुंगी मुख्य लाइन की सफाई करवाई जाएगी। जिसके बाद अधिकतर कॉलोनियों की सीवर से संबंधित समस्या का समाधान हो जाएगा।
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- आरके मुंझाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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