शहर में हो रही दूषित पानी की आपूर्ति की जांच करने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम हनुमान ढाणी क्षेत्र में पहुंची। टीम के सदस्यों ने यहां लोगों से बातचीत की और पानी के 13 सैंपल जांच के लिए लिए। उन्हें अब जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने भी दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त से बीमारी के केस सामने आए, जिन्हें दवाइयां दी र्गईं।
अमर उजाला ने शहर में दूषित पानी की आपूर्ति के खिलाफ अभियान चलाया रखा है। शहर में लीकेज के कारण हो रही दूषित जलापूर्ति के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में 22 जनवरी को प्रकाशित समाचार दूषित पानी दे रहा मर्ज, हर रोज अस्पताल पहुंच रहे मरीज के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को जांच के लिए दादरी गेट क्षेत्र में पहुंची। एमपीएचडब्ल्यू की टीम ने दादरी गेट व हनुमान ढाणी क्षेत्र में डोर-टू डोर जांच अभियान चलाया। टीम ने पानी के बारे में जानकारी ली और दूषित पानी से हो रही बीमारियों के बारे में जानकारी जुटाई। यहां टीम को उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज भी मिले, जिन्हें दवाइयां दी गईं।
इन कॉलोनियों से लिए पानी के सैंपल
दादरी गेट, हनुमानढाणी, भारत नगर, आजाद मोहल्ला, लाजपत नगर, चिरंजीव कॉलोनी, रामगंज मोहल्ला, दुर्गा कॉलोनी व नाई कलालो की गली से पानी के सैंपल जांच के लिए लिए।
आपूर्ति में दूषित पानी आने की सूचना के बाद डोर-टू डोर जांच अभियान चलाया जा रहा है। शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से पानी के 13 सैंपल लिए हैं। इनकी जांच लैब से करवाई जाएगी।
- डॉ. संध्या गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन।
दिनोद गेट क्षेत्र के लोग भी दूषित पानी से परेशान
दिनोद गेट क्षेत्र में खाखी बाबा मंदिर के पास बूस्टर से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों के लोग भी कम और दूषित पानी की आपूर्ति से परेशान हैं। परेशान लोगों ने नाराजगी भी जताई। क्षेत्र वासियों ने बताया कि सुबह साढ़े चार बजे बमुश्किल 30 मिनट पानी आता है और टेल की गलियों तक पानी नहीं पहुंचता। 15 से 20 मिनट तक बहुत ही ज्यादा दूषित पानी आता है। इस कारण उन्हें पानी साफ होने तक शुरुआत का सारा पानी नालियों में चलाना पड़ता है। जब पानी साफ आता है, तब तक आपूर्ति जा चुकी होती है। बूस्टिंग स्टेशन में लगी पानी की मोटर 20एचपी की है, जबकि यहां कम से कम 40 से 50 एचपी की मोटर होनी चाहिए, ताकि सप्लाई टेल तक हो सके। दूषित पानी की आपूर्ति के कारण इस क्षेत्र के अधिकतर लोगों ने हैंडपंप का पानी पीना शुरू कर दिया है। क्षेत्र की डग्यान गली, पटवा की गली, भूतान गली, मोड़े वाली गली, चूहड़ सिंह की बाजारी, मनान पान में दूषित पानी की समस्या है।
क्या कहते हैं कॉलोनी वासी
पानी उनके घरों में आता ही नहीं। कई बार शिकायत की मगर कोई समाधान नहीं हुआ। गर्मियों में अधिक समस्या हो जाती है और वे हैंडपंप से पानी लाते हैं।
- कुंज बिहारी, निवासी डग्यान गली
30 मिनट तक पानी सप्लाई आती है और उसमें अधिकतम समय दूषित पानी की आपूर्ति आती है। इस कारण पानी नाली में खाली चलाना पड़ता है। पानी जब तक साफ आना शुरू होता है, तब तक सप्लाई जा चुकी होती है।
राजेश कुमार।
पानी टेल तक पहुंचता ही नहीं। जो आता है वो गंदा आता है। इस कारण बड़ी समस्या है। ये पानी न पीने लायक है और नहीं अन्य प्रयोग के।
राज कुमार दिनोदिया।
सप्लाई आने के कारण शुरुआत में 15-20 बहुत ही गंदा नाली वाला पानी आता है। जिस कारण बड़ी समस्या होती है और नल खुला छोड़ना पड़ता है। पानी में दुर्गंध भी आती है।
सुनीता, महिला।