भिवानी। मनीषा की मौत मामले में एक साल से न्याय की उम्मीद लगाए पिता की आंखों से आंसू नहीं सूख पाए हैं। सीबीआई 11 महीने जांच करने के बाद 12 अगस्त को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) पंचकूला की अदालत में क्लोजर (अंतिम) रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। इस पर 14 अगस्त को सुनवाई होनी है।
हत्या या आत्महत्या के बीच फंसे इस मामले की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती नजर आ रही है क्योंकि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट में हत्या से जुड़ी अब तक कोई भी बात परिजनों के सामने नहीं आई है। सीबीआई ने 3 सितंबर को जांच अपने हाथों में लेने के साथ ही हत्या से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी लेकिन 11 माह तक चली जांच में क्या निष्कर्ष निकला यह अभी परिजनों को अब तक नहीं पता है। मनीषा के पिता संजय का कहना है कि सीबीआई जांच संतुष्ट नहीं करती है तो वे जज से न्याय की गुहार लगाएंगे। उनका कहना है कि सीबीआई देश की बड़ी जांच एजेंसी है, इससे ऊपर तो क्या होगा। बेटी के गुनहगारों को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय अध्यापिका मनीषा की मौत पिछले एक साल से अनसुलझी पहेली बनी है।
नर्सिंग ऑफिसर बनने का था बेटी का सपना
पिता संजय ने बताया कि उनकी बेटी नर्सिंग ऑफिसर बनना चाहती थी। मनीषा की किताबें और रोजमर्रा की चीजों को परिवार ने संजोकर रखा है। वह छोटे भाई को भी पढ़ाती थी।काम में मेरा हाथ बंटाती थी। घर के कोने में छोटा मंदिर बनाकर पूजा करती थी। यह मंदिर भी परिवार ने उसी तरह रखा है जिसमें रोज पूजा होती है। बेटी हमेशा हमारी यादों में जिंदा रहेगी।
अब तक क्या-क्या हुआ
- मनीषा 11 अगस्त 2025 को सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी।
- 13 अगस्त को सिंघानी के खेतों में उसका क्षत-विक्षत शव मिला था।
- 14 अगस्त को भिवानी जिला नागरिक अस्पताल में धरना देकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया।
- 16 अगस्त को आनन-फानन में लोहारू थाने के सभी कर्मचारियों को निलंबित किया और पुलिस अधीक्षक का तबादला किया गया। परिवार ने शव नहीं लिया।
- 18 अगस्त को सुसाइड नोट सामने आने पर मामला आत्महत्या का बताया तो परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। गांव ढाणी लक्ष्मण में करीब सप्ताह भर तक महापंचायत चलती रही। रोहतक पीजीआई के बाद एम्स दिल्ली में तीसरी बार शव का पोस्टमार्टम हुआ।
- 20 अगस्त को मुख्यमंत्री ने मामला सीबीआई को सौंपे जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद 21 अगस्त को परिजनों ने मनीषा का अंतिम संस्कार किया। 26 अगस्त को मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
- 3 सितंबर को मनीषा मौत मामले की जांच के लिए सीबीआई की छह सदस्यीय टीम पहली बार गांव सिंघानी पहुंची।
- 17 जून 2026 को ढाणी लक्ष्मण में पंचायत हुई जिसमें मनीषा के पिता संजय ने 29 जून को उपायुक्त कार्यालय पर आमरण अनशन का फैसला लिया। उन्हें भिवानी पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक की मध्यस्थता के चलते संजय ने सीबीआई अधिकारियों से दिल्ली में मुलाकात की।
- 12 अगस्त को सीबीआई की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई।
सीबीआई द्वारा मनीषा मौत मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। पीड़िता के पिता द्वारा सीबीआई से स्टेटस रिपोर्ट मांग की गई थी लेकिन सीबीआई ने पंचकूला की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर सवालिया निशान लगा दिया है। - वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश गुलिया