अधिकारियों को दिशा निर्देश देते डीसी महावीर कौशिक।
भिवानी। बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। मंगलवार शाम ग्रीन ट्रिब्यूनल केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार के उच्च अधिकारियों ने वीसी के जरिये जिला उपायुक्तों को विशेष निर्देश दिए हैं।
डीसी महावीर कौशिक ने भी फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने वीसी के उपरांत जिले के अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्माणाधीन स्थलों और अन्य कंस्ट्रक्शन साइटों पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की उल्लंघन बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में बढ़ते प्रदूषण स्तर व पर्यावरण पर इसके प्रतिकूल पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए डीसी ने फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े और ठोस कदम उठाए और अधिक से अधिक समय फील्ड में ही रहें। डीसी महावीर कौशिक ने कहा कि लगातार बढ़ रहे एएफएल (एयर क्वालिटी लेवल) के मामले पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं, जिससे निपटना हम सबकी जिम्मेदारी है। भविष्य में चालू सीजन के दौरान यदि कहीं भी फसल अवशेष जलाने की घटना सामने आती है, तो किसानों के साथ-साथ उस क्षेत्र में तैनात राजस्व विभाग, पंचायत विभाग और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग व अन्य संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीसी महावीर कौशिक ने जिला के किसानों का आह्वान करते हुए वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को पर्यावरण के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करें और उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक और अन्य तरीकों की बारीकी से जानकारी दें।
डीसी ने नगर परिषद और नगर पालिका व अन्य विभागों के अधिकारियों को कहा कि नव निर्माणाधीन स्थलों और अन्य कंस्ट्रक्शन साइटों पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उल्लंघन की तुरंत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंस में एडीसी कम नगर परिषद के डीएमसी हर्षित कुमार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. विनोद फौगाट, डॉ. कादियान, जिला राजस्व अधिकारी तथा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी व एपीआरओ संजय कुमार मौजूद रहे।