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आरोपी व्यापारी के परिजनों से शहर थाने में विजिलेंस ने की पूछताछ

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लघु सचिवालय के बाहर धरने पर भ्रष्टाचार के खिलाफ ढोल बजाकर विरोध जताते निवर्तमान पार्षद व अन्य। व? - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। नगर परिषद में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में आरोपियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। मामले में फरार चल रहे नामजद आरोपी व्यापारी विनोद के परिजनों से विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को शहर थाने में पूछताछ की। वहीं आरोपी विनोद अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां सोमवार को सुनवाई होगी। जिलास्तर पर उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।
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उल्लेखनीय है कि पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल की शिकायत के बाद नगर परिषद में करोड़ों का चेक घोटाला सामने आया, जिसमें राशि सीधे ही फर्जी फर्मों के खातों में ट्रांसफर कर करोड़ों का घोटाला किया। पहले जिला पुलिस ने मामले की जांच की और अब जांच का जिम्मा विजिलेंस टीम को सौंपा गया है। मामले में निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार व संजय बंसल, एक्सिस बैंक के सेल्स मैनेजर नितेश व तीन अन्य की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्हें रिमांड के बाद जेल भेजा चुका है। मामले में आरोपी व्यापारी विनोद, निवर्तमान चेयरमैन के पीए ललित यादव, तत्कालीन सचिव राजेश महता अभी फरार चल रहे हैं।
आरोपी विनोद भले ही फरार हो, मगर विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को उनके परिजनों को शहर थाने लाकर घंटों पूछताछ की। विजिलेंस की तीन टीमें इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इसमें चेक के साथ बड़ा जमीन घोटाला भी है। जिसमें नगर परिषद की संपत्ति निजी लोगों के नाम करने के आरोप हैं। इसके अलावा पुरानी हवेलियों, जोहड़ों की जमीन भी कब्जाने के आरोप है।
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हर एंगल पर हो रही जांच
मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। साथ ही आरोपियों की प्रॉपर्टी की भी लिस्ट बनाई जा रही है। फरार आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।
-डीएसपी कमलजीत सिंह, इंचार्ज विजिलेंस एसआईटी।
घोटाले में शामिल अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करे सरकार : सुशील वर्मा
भिवानी बचाओ आंदोलन के संयोजक सुशील वर्मा ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि नगर परिषद घोटाले में गिरफ्तार कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, अकाउंटेंट संजय बंसल, सुरेश कुमार व गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग रहे सचिव राजेश मेहता को सरकारी सेवाओं से बर्खास्त किया जाए।
सुशील वर्मा ने कहा कि निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह के साथ तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी अकाउंटेंट सुरेश कुमार व संजय बंसल से रिकवरी भी हुई है। सभी जेल में हैं। ऐसे में उक्त अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए। इसके अलावा फरार चल रहे तत्कालीन सचिव राजेश महता को भी बर्खास्त करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि घोटाले के मुख्य आरोपी तत्कालीन सचिव राजेश मेहता पहले अपने पिता के निधन का हवाला देकर गिरफ्तारी से बचने के लिए टालमटोल करते रहे और फिर हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल हो गए। फिलहाल पुलिस को इनका कुछ नहीं पता। हालांकि विजिलेंस के राडार पर नगर परिषद के कुछ निवर्तमान पार्षद व अन्य कर्मचारी भी हैं, लेकिन पिछले दिनों कोई भी गिरफ्तारी या बड़ी कार्रवाई विजिलेंस की ओर से नहीं की गई। जिससे शहरवासियों में रोष है। भिवानी बचाओ आंदोलन के संयोजक सुशील वर्मा ने कहा कि जब हरियाणा लोक सेवा आयोग के घोटाले में शामिल एचसीएस अधिकारी अनिल नागर को सरकारी सेवाओं से बर्खास्त किया जा सकता है तो फिर भिवानी नगर परिषद घोटालों में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों के मामले में सरकार दोहरा मापदंड क्यों अपना रही है।
सुशील वर्मा ने सरकार से मांग की है कि नगर परिषद घोटाले में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए और अवैध कमाई से खरीदी संपत्तियों को जब्त कर गबन की भरपाई की जाए।
चेक घोटाले में लगभग सौ आरोपी, गिरफ्तार सिर्फ छह
सुशील वर्मा ने कहा कि घोटाले में लगभग 100 आरोपी हैं, जबकि गिरफ्तारी महज छह की ही हुई है। फर्जी बिलों से पेमेंट लेने वाली 40 से ज्यादा कंपनियों के मालिक आजाद घूम रहे हैं। रणसिंह के पीए ललित यादव, नगर परिषद के तत्कालीन सचिव राजेश मेहता और व्यापारी विनोद जिंदल को खुद इकनॉमिक सेल के जांच अधिकारियों के सुस्त रवैये के कारण भागने का मौका दिया, जितने भी अधिकारियों और कर्मचारियों के घोटाले में संलिप्तता के सुबूत मिल चुके हैं, उन सबको तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अनिश्चित कालीन धरने पर बजाया ढोल
भिवानी। नगर परिषद कार्यालय के बाहर नगर परिषद जन संघर्ष समिति सदस्यों ने अनिश्चित कालीन धरने पर ढोल बजाकर शुक्रवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना विरोध जताया। धरने की अध्यक्षता निवर्तमान पार्षद ईश्वर मान ने की। धरने पर कई जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने भी समर्थन किया। भिवानी नगर परिषद में हुए घोटालों की ईडी व सीबीआई जांच की मांग उठाई।
भिवानी नगर परिषद घोटालों के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरने पर कमल सिंह प्रधान, गौरीशंकर शर्मा, सुरेश बागड़ी, ओम सिंह सांगवान, हंसराज साई, सूबेदार वीरेंद्र सिंह ग्रेवाल, राजकुमार सोलंकी, पूर्ण कुमार जांगड़ा, बृजलाल जोगी पूर्व पार्षद, वेदप्रकाश मिश्रा, सुरेंद्र कुमार, कुलदीप फौगाट, कप्तान फतेह सिंह, दिलबाग सिंह, भूपेंद्र सिंह ने कहा कि नगर परिषद में घोटालों की दिखावे के लिए जांच हो रही है। मगर इस घोटाले में शामिल बड़े लोगों को बचाने का प्रयास हो रहा है। भ्रष्टाचार करने वाले अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने सभी भ्रष्टाचारियों की संपत्ति को जब्त कर घोटाले मेें एक-एक पैसा रिकवर किए जाने की भी मांग उठाई।
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