भिवानी। बुजुर्गों की नई पेंशन में अब 2020 से पहले के वोटर कार्ड की वेरिफिकेशन की टेंशन बढ़ गई है। जिन बुजुर्गों के पास 2020 से पहले के वोटर कार्ड बने हैं उन्हें अब अपने परिवार पहचान पत्र में पेंशन की पात्रता पूरी करने के बावजूद समाज कल्याण विभाग के साथ-साथ चुनावी कार्यालय के भी चक्कर लगाने पड़ेंगे। क्योंकि उन्हें अब वोटर कार्ड का वेरिफिकेशन चुनाव कार्यालय से भी कराना अनिवार्य होगा।
हर माह भिवानी जिले में करीब एक हजार पेंशन विधवा, विदुर, बुजुर्ग व असहाय श्रेणी में बन रही हैं। फिलहाल भिवानी जिले में 1,60,724 पेंशनधारक भी हैं। इसमें 920 पेंशनधारक विधुर भी अब जुड़ गए हैं। इतना ही नहीं सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक खाता की वेरिफिकेशन नहीं होने की वजह से भी पात्र लाभार्थियों की पेंशन अटक गई है। ऐसे लाभार्थी भी अब अपनी केवाईसी के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
परिवार पहचान पत्र के जरिये प्रत्येक परिवार के सदस्यों का डाटा मानव सूचना एवं संसाधन विभाग से जुड़ा है। अब 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद परिवार पहचान पत्र के लिहाज से पेंशन ऑटोमेटिक बननी चाहिए। हालांकि जिन बुजुर्गों का वोट 2020 से पहले बना है और उनका पहचान पत्र भी पुराना है तो उन्हें पेंशन के लिए अब चुनाव तहसीलदार कार्यालय में सत्यापन और वेरिफिकेशन की टेंशन झेलनी पड़ेगी।
भिवानी जिले में ऐसे बुजुर्गों की संख्या भी काफी बताई जा रही है। फिलहाल फैमिली आईडी में 60 के पार होने वाले बुजुर्ग अपनी पेंशन बनवाना चाहते हैं तो उन्हें इस कसौटी पर भी खरा उतरना पड़ेगा। भिवानी जिले में 96,640 बुजुर्ग पेंशन ले रहे हैं, इसी तरह 9,089 दिव्यांगजन भी समाज कल्याण विभाग से पेंशन पा रहे हैं। जिले में 42,264 विधवा महिलाएं पेंशन ले रहीं हैं।
ये हैं भिवानी जिले में पेंशन धारक
पेंशन धारक की श्रेणी- पेंशनधारकों की संख्या
बुजुर्ग पेंशनधारक- 96,640
दिव्यांग पेंशन- 9,089
विधवा पेंशन- 41,264
असहाय बच्चे- 10,825
लाडली योजना- 1,542
बिना स्कूल जाने वाले बच्चे- 440
विधुुर पेंशनधारक- 920
बौना भत्ता- 04
पांच साल पुराने वोटर कार्ड जिन बुजुर्गों के हैं, उन्हें अपना अपडेट मतदाता पहचान पत्र चुनाव कार्यालय से सत्यापित कराकर लाना होगा। इसके लिए चुनाव तहसीलदार कार्यालय में फीस भी निर्धारित है। जिन बुजुर्गाें के मतदाता पहचान पत्र गुम हो चुके हैं, उन्हें भी सत्यापित वोटर कार्ड जाना अनिवार्य है। परिवार पहचान पत्र में आयु की वेरिफिकेशन के बाद ही पेंशन बनेगी। - खुशवंत सिंह, जिला समन्वयक, मानव सूचना एवं संसाधन विभाग भिवानी।
समाज कल्याण विभाग के समक्ष मानव सूचना संसाधन विभाग से ही बुजुर्गाें का वेरिफाई डाटा आता है। इसके बाद विभाग की ओर से पेंशन बनवाने की सहमति बुजुर्गों से ली जाती है। अगर बुजुर्ग पेंशन बनवाने के लिए सहमति देता है तो फिर उसकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उसे पेंशन का लाभ दिया जाता है। -देवेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी, भिवानी।