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रेलवे ऑफिसर के सामने उड़ी नियमों की धज्जियां

Wed, 18 Jun 2014 03:12 PM IST
bhiwani
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रेलवे ऑफिसर के सामने उड़ी नियमों की धज्जियां रेलवे के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर मंगलवार सुबह अपनी टीम के साथ भिवानी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। उनके सामने ही लोगों को नियमों की धज्जियां उड़ाई।
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प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए फुट ओवरब्रिज के बजाय पटरी की राह पकड़ी। कई महाशय ऐसे भी थे जिन्होंने अपने वाहन तक पटरी पर ले जाने से गुरेज नहीं किया। अधिकारियों की टीम ने रेलवे स्टेशन की सभी ब्रांचों का निरीक्षण करने के बाद खामियों की लिस्ट बनाई और स्टेशन अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए।

मंगलवार सुबह करीब साढे़ आठ बजे चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर अनूप कुमार के नेतृत्व में जयपुर व बीकानेर से रेलवे अधिकारियों की टीम भिवानी रेलवे स्टेशन पहुंची। टीम में रेलवे की सभी ब्रांचों के अधिकारी व विशेषज्ञ शामिल रहे। यहां एक-एक कर सभी ब्रांचों का निरीक्षण किया।
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एक ओर जब अधिकारी निरीक्षण करने में जुटे थे वहीं रेलवे ट्रेक से ही यात्री नियमों को तोड़ एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाते देखे गए। कुछ लोग रेलवे चौकी के रास्ते अपने वाहनों को पटरियों स्टेशन के दूसरी तरफ ले जा रहे थे।

अधिकारियों की नजर पड़ी तो रेलवे पुलिस हरकत में आई और कुछेक को रोका। टीम सदस्यों ने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, स्टेशन मास्टर कार्यालय, डिप्टी स्टेशन मास्टर कार्यालय, नार्थ कैबिन, साउथ कैबिन, लोहारू फाटक, गार्ड व ड्राइवर रनिंग, वाटर टैंक आदि का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने रेलवे स्टेशन की छत पर निकली वायरों पर आपत्ति जताई।

मौके पर अगिभनशमन यंत्र की हुई जांच
इसके अलावा अगिभनशमन यंत्र भी चलवाकर देखे गए। रिकॉर्ड की भी जांच की। टीम ने सायं करीब पांच बजे तक रेलवे स्टेशन की प्रत्येक ब्रांच का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम कलानौर की ओर रवाना हो गई। टीम में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर अनूप कुमार के अलावा सीपीटीएम जीपी मीणा,मुख्य सिगभनल अधिकारी सूरजमल, चीफ ट्रेकर गोयल, एडीआरएम जीत सिंह, डीओएम केके मीणा आदि शामिल थे।

एलसीडी लगी, साफ-साफ नजर आया रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन का नजारा मंगलवार को बदला-बदला नजर आया। स्टेशन पर अक्सर इधर-उधर सोते दिखने वाले साधु व भिखारी गायब थे। मशीन से सफाई हो रही थी वहीं प्लेटफॉर्म पर दो एलसीडी भी लगी थी।

जिनके माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक किया जा रहा था। अक्सर बंद रहने वाले शौचालय खुले थे वहीं प्लेटफॉर्म पर लगे टंकियों में भी पानी आ रहा था। सभी कर्मचारी अपनी वर्दी में थे।

2015 तक खत्म किए जाएंगे मानव रहित फाटक
रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के लिए आए एडीआरएम जीत सिंह ने मानव रहित फाटकों पर हो रहे हादसों के बारे में कहा कि 2015 तक सभी मानव रहित फाटक खत्म किए जाएंगे। इनकी जगह या तो ऊपरगामी पुल होंगे या फिर अंडर ग्राउंड पास।

सर, पहुंचना होता है 11 बजे, पहुंचते हैं एक बजे
रेलवे अधिकारियों के समक्ष रेलवे यात्रियों ने भी अपनी समस्याएं रखी। रेलवे यात्रियों प्रदीप, असिस्टेंट प्रोफेसर ऋषिपाल ने बताया कि गोरखधाम का 9:55 का समय है मगर उसे आउटर पर रोक कर रखा जाता है। हांसी, बवानीखेड़ा में पासिंग होती है। यह पासिंग भिवानी में भी हो सकती है। इसके फेल में उन्हें सुबह 11 बजे तक पहुंचना होता है मगर एक बजे तक वे अपने गंतव्य तक पहुंच पाते है।
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