भिवानी। नगर परिषद में लगातार सामने आ रहे घोटालों के विरोध में भिवानी बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं की बैठक रविवार को नेहरू पार्क में हुई। बैठक में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों, फर्जी रसीदों और अन्य अनियमितताओं के संबंध में शहरवासियों से प्राप्त शिकायतों से एक शिकायत पत्र तैयार किया गया, जिसे आगामी बुधवार को जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त उपायुक्त व मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता सरोज जांगड़ा ने की। बैठक में मौजूद लोगों ने शहर के अंदर नप भूमि पर अवैध कब्जों से संबंधित अनेक शिकायतें सुबूत सहित सौंपी हैं। भिवानी बचाओ आंदोलन के संयोजक सुशील वर्मा ने कहा कि बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता नगर परिषद कार्यालय में प्रदर्शन कर नगर आयुक्त को शिकायत पत्र सौपेंगें। सात दिन में शिकायतों पर कार्यवाही नहीं हुई और मुख्य आरोपियों को गिरफ़्तार नहीं किया गया तो आगामी चार अप्रैल से नगर परिषद कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। बैठक में पूर्व पार्षद ईश्वर मान, अपना समाज मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र तंवर, स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार, निवर्तमान नगर पार्षद सुशील पूनिया, मीना जांगड़ा, इंद्रपाल सिंह, नरेश गोयल, एक्स सूबेदार विरेंद्र सिंह ग्रेवाल, राजकुमार दिनोदिया, घंटाघट मार्केट प्रधान अतुल रोहिल्ला, जोरावर सिंह, नीलम, मनोज तंवर, रमेश वर्मा, रोहतास सिंगला, धर्मेंद्र रोहिला, मनीष शर्मा, दिनेश पहलवान, रोकी, बबलू प्रजापति, सुनील सिन्हा, गौरीशंकर, नवीन मिंटू, हर्ष जांगड़ा, नवीन रोहिला, वेदप्रकाश जोगी, नवीन धमीजा शामिल हुए।
हाई कोर्ट के आदेश पर भी प्रशासन ने जमाई कुंडली: बृजपाल
नेहरू पार्क में हुई बैठक में स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने कहा कि शहर में नप और धर्मशाला की भूमि पर अधिकारियों के संरक्षण में बहुमंजिला अवैध निर्माण हो गया, जिसको लेकर हाई कोर्ट ने भी सीलिंग के आदेश दिए, मगर इसके बावजूद भी नप और प्रशासन के अधिकारी कुंडली जमाए बैठे हैं। इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई तक नहीं की, जबकि राजस्व विभाग और नगर परिषद ने खुद अवैध निर्माण की जगह को सरकारी भूमि मान चुका है।