भिवानी। युवती से दुष्कर्म कर हत्या करने और शव खुर्द-बुर्द करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरुचि अटरेजा सिंह की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वीरवार को सुनाए फैसले में अदालत ने दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया और राशि जमा नहीं कराने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया।
अदालत ने किरावड़ निवासी नटवर सिंह को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 238(बी) के तहत उसे 10 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
वहीं चंदावास निवासी और फिलहाल किरावड़ में रह रहे रविंद्र को भी बीएनएस की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 238(बी) के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(वीए) के तहत रविंद्र को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
ये था मामला
बवानीखेड़ा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को 17 जुलाई वर्ष 2023 को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी से दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई। साक्ष्य मिटाने और शव खुर्द-बुर्द करने के उद्देश्य से शव नहर में डाल दिया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रभावी पैरवी की गई। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
वर्जन
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में तुरंत कानूनी कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करने और अदालत में पेश करने के निर्देश हैं। मुकदमों की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाती है ताकि दोषियों को सजा दिलाकर पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। - मयंक मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।