ऑपरेशन मुस्कान के तहत स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम की ओर से नया बस स्टैंड क्षेत्र के एक होटल से रेस्क्यू किए गए दो नाबालिग लड़के बाल सेवा आश्रम की दीवार फांदकर भाग गए। इन दोनों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर बाल सेवा आश्रम छोड़ा गया था। यहां छोड़े जाने के मात्र आधा घंटा बाद ही ये दोनों बच्चे दीवार फांदकर भाग गए। इसकी सूचना सीडब्लयूसी को दी गई। इसके बाद वीरवार को स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों बच्चों को अलग-अलग जगहों से रेस्क्यू किया।
दरअसल, स्टेट क्राइम ब्रांच के एसआई संजय व एएसआई कपिल देव, एचसी राजबीर और जयवीर की टीम ने बुधवार दोपहर बाद नया बस स्टैंड क्षेत्र से दो नाबालिग बच्चों को होटल पर काम करते हुए रेस्क्यू किया था। इन दोनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया, जहां बच्चों के परिजन नहीं पहुंचे तो उन्हें बाल सेवा आश्रम भेजने के आदेश हुए। बुधवार शाम को दोनों बच्चाें को बाल सेवा आश्रम प्रबंधन को सौंप दिया। करीब आधा घंटे बाद ही ये दोनों बाल सेवा आश्रम की करीब 12 फूट ऊंची दीवार फांदकर बिजली बोर्ड के रास्ते से भाग खड़े हुए। इसकी सूचना आश्रम प्रबंधन ने सीडब्ल्यूसी को दी। इसके बाद स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने वीरवार सुबह एक बच्चे को गांव पालुवास व दूसरे बच्चे को भारत नगर से रेस्क्यू किया। जिनका नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि दोनों बच्चों के परिजनों को बुलाकर उन्हें सौंपा गया है। ये बच्चे बाल सेवा आश्रम से भाग गए थे, जिन्हें स्टेट क्राइम ब्रांच ने दोबारा रेस्क्यू किया था।
आश्रम से भागी लड़की का 25 दिन बाद भी नहीं लगा सुराग
बाल सेवा आश्रम भिवानी से भागी नाबालिग लड़की का 25 दिन बाद भी शहर थाना पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। हालांकि सीडब्ल्यूसी की ओर से दो बार जिला पुलिस को रिमांडर भी भेजा गया, मगर पुलिस अभी भी लड़की को ढूंढने में सुस्त है। दरअसल, 25 अक्तूबर को बाल सेवा आश्रम से एक लड़की भाग गई थी। इसकी सूचना सीडब्ल्यूसी को दी। वहीं आश्रम प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने लड़की के लापता होने का केस दर्ज किया था, मगर केस दर्ज होने के 25 दिन बाद भी लापता लड़की का कोई सुराग नहीं लगा है।