दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ घोसियान चौक पर बैठक करते ट्रांसपोर्टर्स।
भिवानी। दिल्ली सरकार द्वारा ट्रांसपोर्टरों पर लागू किए गए नए नियमों और बढ़ाए गए ग्रीन टैक्स के विरोध में अखिल भारतीय ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस समेत संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर 21, 22 और 23 मई को दिल्ली-एनसीआर में तीन दिवसीय सांकेतिक बंद रखा जाएगा। इस दौरान दिल्ली की सीमाओं में मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रखने की रणनीति बनाई गई है।
मंगलवार को घोसीयान चौक पर आंदोलन को लेकर बैठक आयोजित की गई। अखिल भारतीय ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा वाणिज्यिक वाहनों पर बढ़ाया गया ग्रीन टैक्स पूरी तरह अनुचित और व्यापार विरोधी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक नवंबर से दिल्ली में बीएस-4 श्रेणी के वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
आरके शर्मा ने कहा कि सरकार के इस फैसले से हजारों वाहन मालिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने पदाधिकारियों से अपील की कि वे भिवानी सहित आसपास के गांवों में जाकर वाहन मालिकों से संपर्क करें और आंदोलन के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने सभी मालवाहक वाहन मालिकों से 21, 22 और 23 मई को अपनी गाड़ियां दिल्ली-एनसीआर की ओर न ले जाने की अपील की। आरके शर्मा ने कहा कि जब तक सरकार ग्रीन टैक्स और बीएस-4 वाहनों को बंद करने का फैसला वापस नहीं लेती या इस पर कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकालती तब तक आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में प्रधान पवन केडिया, साधु राम धारेडू, लक्ष्मण शर्मा, संजय गोयल, पवन स्वामी, अमित गौतम, विनोद और नीतिश भारद्वाज मौजूद रहे।