सड़क हादसे में हेलमेट नहीं पहने होने के कारण होर रही स्कूली बच्चों की मौत के मद्देनजर शिक्षा विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान 14-14 साल के बच्चे स्कूटी दौड़ाते मिले। 15-15 साल के बच्चे बाइकों से स्कूल आ रहे थे। टीम ने जांच कर 22 के चालान किए। कुछ के अभिभावक भी साथ आए थे, उनके भी चालान किए गए। अधिकतर के अभिभावकों को बुलाकर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया। साथ ही स्कूल संचालकों, प्रिंसिपल को भी इस बारे में हिदायत दी गई।
रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक करीब दो माह पूर्व हुई थी। इसमें स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए उपायुक्त ने जिला शिक्षा विभाग और ट्रैफिक पुलिस को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। बता दें कि करीब दो माह पूर्व सड़क हादसे में एक छात्र की भी मौत हो गई थी। मामले में सामने आया था कि छात्र ने हेलमेट नहीं पहना था। अगर हेलमेट पहना होता तो जान बच सकती थी।
वीरवार को जिला शिक्षा विभाग की टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह और ट्रैफिक पुलिस ने एसएचओ सुभाष चंद्र के नेतृत्व में संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाया। टीम ने रोहतक गेट पर सुबह सात बजे जांच की। यहां एक स्कूल में बाइक, स्कूटी से आ रहे स्कूली बच्चों की जांच की। जांच में सामने आया कि 14-14 साल के बच्चे स्कूटी से आ रहे थे। 15 से 17 साल के बच्चे बाइक लेकर आ रहे थे। इन सभी की जांच की तो किसी के पास न लाइसेंस था, न हेलमेट। अभिभावक भी छोड़ने आए, वे भी बिना हेलमेट के थे। ट्रैफिक पुलिस ने 22 के चालान किए।
बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर चेताया
ट्रैफिक पुलिस ने बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट वाहन चला रहे बच्चों के अभिभावकों को भी बुलाया। कुछ के चालान किए गए तो अधिकतर को चेतावनी देकर छोड़ा गया।
स्कूल संचालकों को भी दी हिदायत
शिक्षा विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चलाने वाले बच्चों के चालान करने के अलावा स्कूल संचालकों को भी हिदायत दी गई कि सभी बच्चों को जागरूक करें कि बिना लाइसेंस वाहन न चलाएं।
बच्चों की सुरक्षा के लिए रोड सेफ्टी के तहत शिक्षा विभाग और ट्रैफिक पुलिस की ओर से जांच अभियान चलाया। सभी बच्चों, उनके अभिभावकों, स्कूल संचालकों को जागरूक किया गया है, ताकि कोई बच्चा हादसे का शिकार न हो।
अजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।
बच्चे बिना हेलमेट, लाइसेंस के वाहन चला रहे थे। बच्चों के साथ उन्हें छोड़ने आए अभिभावकों के वाहन संबंधित कागजात की जांच की गई है। 22 के चालान किए गए है। अधिकतर को चेतावनी देकर छोड़ा गया है।
सुभाष चंद्र, एसएचओ।
ट्रैफिक पुलिस