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परिवार की आमदनी को साबित करने के लिए लोग नाप रहे प्रशासन की सीढ़ियां,

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सरल केंद्र में अपने कार्य करवाने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़। संवाद - फोटो : Bhiwani
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संजय वर्मा
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भिवानी। परिवार व खुद की आमदनी को साबित करने के लिए भी लोगों को जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के कार्यालयों की सीढ़ियां नापने पर मजबूर होना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में फाइलों के ढेर लगे हैं, लेकिन एक भी आय प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है। इसकी वजह परिवार पहचान पत्र का डाटा अपडेट नहीं होना है। ऐसे लोगों के समाधान के लिए कमेटियां तक भी नहीं बनी है। इसकी वजह से ये लोग एक कार्यालय से निकल दूसरे कार्यालय में गर्मी में चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। तहसील कार्यालय में रोजाना 80 से 90 आवेदन आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आ रहे हैं। रोजाना ही नई फाइलों की वजह से तहसील कार्यालय में ढेर बढ़ रहा है, जबकि फाइलों में एक भी आवेदन पर प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं।
पिछले तीन सालों से जिला प्रशासन में करीब तीन लाख से अधिक परिवारों की पहचान कराने में जुटा है। परिवारों की यूनिक आईडी भी बन चुकी है और प्रत्येक सदस्य की आमदनी का खाका भी इसमें तैयार हो चुका है। अब इसकी वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। इसी बीच जिन लोगों को अपने बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिलों के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत हैं, वे अभिभावक खुद की आय को साबित करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, क्योंकि परिवार पहचान पत्र में दर्शायी गई आमदनी और पटवारी से तस्दीक आय में मिलान नहीं हो रहा है। ऐसे आवेदनों पर आय प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा है। ऑनलाइन सिस्टम ऐसे आय प्रमाण पत्रों में मिस मैच का लाल रंग से संदेश भी दर्शाया जा रहा है। इसका मतलब आय मिलान नहीं होने की सूरत में ये प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता है। संवाद
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आरटीई में मुफ्त दाखिला, आय प्रमाण पत्र की होड़
हरियाणा स्कूली निदेशालय ने निजी स्कूलों में राइट टू एजुकेशन यानी आरटीई के तहत प्री प्राइमरी कक्षाओं में गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिला की प्रक्रिया चल रही है। इसमें शामिल होने के लिए अभिभावक आय प्रमाण पत्र भी बनवा रहे हैं, मगर परिवार पहचान पत्र की तकनीकी खामी का खामियाजा इन अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। समाधान भी कोई नहीं सूझा रहा है, क्योंकि अभी तक जिला मुख्यालय स्तर पर ऐसी कोई कमेटियां तक नहीं बनी हैं, जो ऐसे मामलों की सीधी सुनवाई कर उनका तुरंत समाधान करा दे।
सरल में भी आसान नहीं हैं लोगों के काम
एक ही छत के नीचे जाति, रिहायशी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र बनवाने के सुविधा दी गई है। ये सभी काम सरल केंद्र में ऑनलाइन किए जा रहे हैं, मगर सरल में लोगों के आसानी से काम नहीं बन रहे हैं, क्योंकि ऑनलाइन डॉटा अपडेट नहीं होना ऐसे कार्यों में रुकावट बन रहा है। अब लोगों के काम रुकने पर उन पर मानसिक दबाव भी बढ़ गया है।
घर बैठे कर दिया सर्वे, मनमर्जी से दी सर्वेक्षण की रिपोर्ट
जिन लोगों से जिला प्रशासन ने परिवार पहचान पत्र में सर्वे कराया था, उन लोगों ने घर बैठे ही फोन पर बेसिक जानकारी लेकर मनमर्जी से सर्वेक्षण रिपोर्ट दे दी। अब उसी रिपोर्ट से असल डाटा का मिलान नहीं हो रहा है। हमारी परेशानी ये है कि हम अपनी असल आमदनी बता रहे हैं तो भी हमारे काम नहीं बन रहे हैं। बेवजह एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय चक्कर काट रहे हैं। - सुरेंद्र कुमार, शिक्षा मार्ग क्षेत्रवासी
मुझे अपने बच्चे का दाखिला कराना था, आय प्रमाण पत्र के लिए सरल पर ऑनलाइन आवेदन करा दिया। मुझे बताया गया है कि मेरा आय प्रमाण पत्र नहीं बनेगा, क्योंकि मेरी आय फैमिली आईडी व सर्वे रिपोर्ट में अलग अलग दर्शायी है। मैं पिछले एक सप्ताह से यहां चक्कर लगा रहा हूं, कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। -पवन कुमार, ऑटो मार्केट क्षेत्रवासी।
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परिवार पहचान पत्र में पूरे परिवार की आय दर्ज होती है। तहसील कार्यालय में सिर्फ आय प्रमाण पत्र लेने के लिए आवेदन जमा कराए जा रहे हैं, अगर रिकार्ड पूरा और दुरुस्त है तो फिर आय प्रमाण पत्र जारी हो जाएगा। - रवींद्र सिंह, तहसीलदार, तहसील कार्यालय भिवानी।
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