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Bhiwani News: सरकारी स्कूलों में तीन साल के दाखिले डाटा का होगा मिलान

Sat, 05 Apr 2025 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बवानीखेड़ा के राजकीय कन्या स्कूल का मुख्य द्वार। 
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बवानीखेड़ा। सरकारी स्कूलों में दाखिलों को बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। स्कूलों में दाखिले बढ़ाने के लिए खंड अधिकारियों सहित सभी स्कूलों के प्राचार्य क्या कदम उठा रहे हैं इस पर जिला शिक्षा अधिकारी नजर रखेंगे। इसी कड़ी में अब विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में पिछले तीन साल के दाखिला डाटा का मिलान किया जाएगा। इसको लेकर शिक्षा निदेशालय ने जिले के सभी शिक्षा अधिकारियों को ऑनलाइन बैठक कर आदेश जारी किए हैं।
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दरअसल, राजकीय विद्यालयों में हर साल घटती विद्यार्थियों की संख्या को लेकर शिक्षा विभाग ने चिंता जाहिर की है। नए सत्र से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए गुरुग्राम स्थित एससीईआरटी के अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों, एपीसी, एबीआरसी, बीआरपी की ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें राजकीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई।
ऑनलाइन आयोजित मीटिंग में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक विद्यालय मुखिया को 5वीं पास छात्र का छठी कक्षा में दाखिला राजकीय विद्यालय में करवाकर व कक्षा 8 के मुखिया को 9वीं कक्षा में दाखिला करवाकर प्रमाण पत्र देना होगा। ताकि राजकीय विद्यालयों में दाखिला करवाकर छात्र संख्या में बढ़ोतरी की जा सके।
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छात्र संख्या का मिलान करने से ये होगा फायदा
बैठक में अधिकारियों ने आदेश दिए कि बीते तीन वर्षों का विद्यालय से विद्यार्थियों संख्या का डाटा लेकर मिलान किया जाएगा। ताकि ये पता चल जाए कि कौन बच्चा कहां पढ़ रहा है। इससे यह भी पता लग जाएगा कि कोई बच्चा ड्राॅपआउट तो नहीं हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यदि परिजनों के पास कोई प्रमाण पत्र न हो तब भी उस बच्चे का दाखिला कर लिया जाए और बाद में दस्तावेजों को पूरा कर लें।

शिक्षा रथ चलेगा गांव-गांव, गली-गली
राजकीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा रथ गांव-गांव, गली-गली चलेगा। ताकि लोगों को सरकारी विद्यालयों में बच्चों का दाखिला करवाने के लिए प्रेरित किया जा सके। जिन विद्यार्थियों दाखिला सरकारी स्कूल में हुआ है उनकी संख्या की जानकारी विद्यालय मुखिया द्वारा रजिस्टर में अंकित की जाएगी। स्कूल में किस कारण से संख्या घटी है, इसका कारण भी स्कूल मुखिया से पूछा जाएगा।

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जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे है। अभिभावकों को सरकारी स्कूलों के प्रति जागरूक करने के लिए अध्यापक घर-घर जा रहे है। जिले में जीरो ड्रॉपआउट करने के लिए विभाग पूर्ण रूप से गंभीर है।
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- सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी।
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