भिवानी। नेपाल से दिल्ली के रास्ते भिवानी जिले के कस्बा तोशाम में आई तीन किशोरियों की आखिरकार 22 दिन बाद मंगलवार को घर वापसी हो गई। दिल्ली से नेपाली दूतावास की एक टीम तीनों किशोरियों को लेने के लिए भिवानी बाल कल्याण समिति में पहुंची। जहां तीनों किशोरियों को टीम के साथ रवाना किया गया। टीम के साथ एक लड़की का पिता और एक लड़की का भाई आया हुआ था। जिसे पहले ही दिल्ली भेज दिया था। गत 16 अगस्त को तीन किशोरियां नेपाल से बॉर्डर पार कर बस में दिल्ली पहुंची थी, जहां से एक महिला के साथ वे तीनों कस्बा तोशाम आ गई थी। तीनों किशोरियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने बरामद किया था। जिसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति को सौंपा गया। तब से तीनों भिवानी के बाल सेवा आश्रम में रह रही थी।
बाल कल्याण समिति कार्यालय में नेपाल दूतावास के प्रतिनिधि नवीन जोशी और दो वालंटियर्स महिलाएं लक्ष्मी व चिंता यादव तीनों किशोरियों को लेने मंगलवार दोपहर को पहुंची। सीडब्ल्यूसी सदस्य रमेश कुमार व सत्येंद्र तंवर ने बताया कि गत 20 अगस्त को क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर कपिल देव की टीम ने नेपाली मूल की तीन किशोरियों को तोशाम से हिसार जाते हुए रेस्क्यू किया था। तीनों ही 15 साल के आसपास उम्र की थी। तीनों की सीडब्ल्यूसी सदस्यों ने काउंसलिंग कराई और फिर उन्हें बाल सेवा आश्रम भेजा गया था। सत्येंद्र तंवर ने बताया कि नेपाली दूतावास से संपर्क किया गया। जिसके बाद तीनों किशोरियों को लेने के लिए नेपाली दूतावास की टीम यहां आई है। जिन्हें तीनों किशोरियों को सुपुर्द किया गया है। इस मौके पर सीडब्ल्यूसी सदस्य रमेश कुमार, सत्येंद्र तंवर, रोशनलाल, निधेश यादव मौजूद रहे।
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मोबाइल टूटने पर डांटा तो घर से निकल गई थी तीन किशोरियां, गहने बेच चुकाया किराया
सीडब्ल्यूसी की काउंसलिंग में तीनों ने बताया था कि इनमें से एक किशोरी के हाथ से मोबाइल फोन टूट गया था। जिस पर परिजनों ने डांट दिया था। इसके बाद वह अपनी दो सहेलियों के साथ नेपाल के जिला सुरखेत के एक गांव से बस में सवार होकर दिल्ली के लिए निकल पड़ी। दिल्ली पहुंचने के बाद अपने गहने बेचे और किराया चुकाया। दिल्ली में नेपाली मूल की एक महिला से उनकी मुलाकात हुई तो वे उसके साथ तोशाम कस्बा में आ गई। यहां से हिसार जाने की तैयारी में थी कि क्राइम ब्रांच ने उन्हें रेस्क्यू कर लिया।