बहल (भिवानी)। अमृत सरोवर योजना के तहत जीर्णोद्धार किए गए खाड़ी तालाब में जमा गंदे पानी में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सोमवार सुबह तीनों बच्चे अपने साथियों के साथ तालाब के किनारे बनी पगडंडी पर खेल रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। इससे खफा परिजनों व ग्रामीणों ने राजगढ़ रोड पर जाम लगाकर मुआवजा, कार्रवाई के अलावा तालाब को शहरी आबादी से बाहर शिफ्ट करने की भी मांग की। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन माने। वहीं कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने हादसे पर शोक जताते हुए प्रत्येक के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। प्रशासन की ओर से ठेकेदार के मार्फत परिजनों को दो-दो लाख रुपये दिलाए जाने की बात कही गई है।
सुबह करीब 8:15 बजे ढहिया परिवार के कुछ बच्चे खाड़ी तालाब के किनारे खेल रहे थे, तभी अचानक एक बच्चे का पैर फिसल गया। अपने बचाव के लिए एक ने दूसरे को और दूसरे ने तीसरे को पकड़ा और तीनों बच्चे दरकती मिट्टी के साथ करीब 15 फीट गहरे तालाब में जमा गंदे पानी में जाकर दलदल में फंस गए। घटना के समय मौजूद अन्य बच्चों ने हादसे की सूचना अपने परिजनों को दी। परिजनों ने आसपास के लोगों की मदद से तीनों बच्चों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने सचिन (10), गोलू (8) और लखन (8) को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर डीएसपी लोहारू व एसडीएम सिवानी मौके पर पहुंचे और घटना के कारणों की जांच की।
पुलिस ने शवों को लोहारू के अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। उधर, परिजनों ने पीड़ित परिवारों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा देने, मामले के दोषी लोगों पर कार्रवाई करने और तालाब को आबादी से बाहर शिफ्ट करने की मांग को लेकर राजगढ़ रोड पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस प्रशासन ने परिजनों को समझा बुझा कर जाम खुलवाया, तब परिजन मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पीड़ित परिवार के परिजनों ने बताया कि पांच दिन बाद ही सचिन और गोलू की बहनों की शादी थी और मेहमान जुटे हुए थे, लेकिन इस हादसे ने खुशी में खलल डाल दी।
कोट
कृषि मंत्री जेपी दलाल की ओर से पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा ठेकेदार की ओर से तीनों पीड़ित परिवार को दो-दो लाख के चेक दिए गए हैं। तालाब में जमा गंदे पानी को भी पाइप के माध्यम से जल्दी निकलवाया जाएगा।
- सुरेश कुमार, एसडीएम, लोहारू