क्षेत्र के एक गांव में में दिसंबर 2012 में संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या करने और तीन लोगों पर जिंदगी बर्बाद का आरोप लगाने वाली युवती के मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को दोषी करार दिया है। इस मामले में हॉस्टल वार्डन समेत तीन लोगों को बृहस्पतिवार को सजा सुनाई जा सकती है।
ये था मामला
मामला 14 दिसंबर 2012 का है। एक छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में सुसाइड कर लिया था। छात्रा ने सुसाइड नोट लिखते हुए रियाज, आशा रानी और अरुण पर उसकी जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया था। पुलिस को दी शिकायत में मृतका के भाई ने बताया था कि उसकी बहन फरीदाबाद के एक पॉलीटेक्निक कॉलेज में पढ़ती थी।
आठ नवंबर 2011 को वह कॉलेज से लापता हो गई। उसने और उसके मामा ने काफी तलाश की। 10 नवंबर को उसकी बहन बहादुरगढ़ में मिली। वे उसे घर लेकर आए तो वह गुमशुम रहने लगी। कॉलेज जाने से भी इंकार कर दिया और 14 दिसंबर 2012 को सुसाइड कर लिया।
सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम लिखे थे, पुलिस ने उनकी जांच की तो मामला खुलता चला गया। जांच में सामने आया कि आशा रानी हॉस्टल वार्डन है। उसने छह नवंबर 2011 को लड़की को अपने घर बुलाया और दो दिन रखा। इसके बाद आठ नवंबर को उसने लड़की रियाज नामक युवक के साथ भेज दी। युवक उसे दो दिन अपनी गाड़ी में दिल्ली, गुड़गांव में घुमाता रहा, फिर भिवानी लेकर आया।
यहां रियाज का दूसरा साथी अरुण भी साथ हो लिया। बाद में दोनों के मन में युवती के परिवार वालों से रुपये ऐंठने की बात मन में आई। यह बात युवती को पता चल गई और उसने बताया कि उसका मामा दिल्ली पुलिस में डीएसपी है। इसके बाद दोनों युवक उसे बहादुरगढ़ छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद उसने सुसाइड कर लिया।