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राकेश मलिक हत्याकांड का शूटर पांच दिन के रिमांड पर

Sun, 02 Mar 2014 10:41 PM IST
भिवानी
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भाजपा नेता व तोशाम व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश मलिक पर गोलियां बरसाने वाले शूटर जसबीर उर्फ जस्सी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं दिल्ली से गिरफ्तार महिला मामले में सबसे पहले पकडे़ गए दलबीर उर्फ दल्लू को जेल भेज दिया गया है।
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उल्लेखनीय है कि 21 फरवरी की रात तोशाम में भाजपा नेता व व्यापार मंडल के अध्यक्ष  राकेश मलिक की उनके कार्यालय में ही पांच गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामला उस समय हाई प्रोफाइल बन गया जब परिजनों ने एक सांसद व एक मंत्री पर हत्या कराने का आरोप लगाया। मामले में मृतक के दो भाइयों ने आरोपियों की पांच दिन में गिरफ्तारी नहीं होने पर आत्मदाह की भी धमकी दे रखी थी।

असंध से गिरफ्तार किया था शूटर, दिल्ली से पकड़ी गई महिला
राकेश मलिक हत्याकांड के मुख्य शूटर का नाम जसबीर उर्फ जस्सी उर्फ टोचर है। आईजी हिसार की स्पेशल टीम ने असंध (करनाल) के गांव गोली माजरा से शनिवार को उसे गिरफ्तार किया। महज 21 वर्ष का जसबीर अपनी रिश्तेदारी में छिपा था। कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
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उससे मामले में कुछ अहम खुलासे होने की उम्मीद है। सीआईए भिवानी की टीम ने दिल्ली पुलिस की मदद से नांगलोई (दिल्ली) से पकड़ी 41 वर्षीय लखजिंद्र को जेल भेज दिया। लखजिंद्र तोशाम वासी राकेश चहल की पत्नी है। पुलिस की माने तो राकेश मलिक हत्याकांड में लखजिंद्र का अहम रोल है।

मामले में पहले गिरफ्तार किए गए दलबीर उर्फ दल्लू को पुलिस ने दो दिन का रिमांड पूरा होने के बाद जेल भेज दिया।

हत्यारों के विरुद्ध दायर याचिका का स्वागत
उकलाना मंडी (हिसार)। पूर्व विधायक रेलूराम पूनियां सहित उसके परिवार के आठ सदस्यों की सामूहिक हत्या के दोषी रेलूराम की पुत्री सोनिया और दामाद संजीव को सुप्रीमक ोर्ट की ओर से  फांसी की सजा माफ करने के निर्णय के  विरुद्ध केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से पूनिया के पैतृक गांव प्रभुवाला में खुशी का माहौल है।

 रेलूराम पूनिया के भाई रामसिंह पूनियां ने भारत सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि आठ लोगों की हत्या के  दोषियों को अंतिम सजा फांसी देना ही सही फैसला होगा। गौरतलब है कि 13 अगस्त 2001 को उकलाना के समीपवर्ती लितानी मोड़ पर रेलूराम की कोठी में पुलिस ने रेलूराम सहित परिवार के आठ लोगों के शव बरामद किए थे।

तब पुलिस इस हत्याकांड के आरोप में रेलूराम की पुत्री और दामाद को गिरफ्तार किया था। उसके बाद जिला अदालत ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई। पिछले 13 साल से हत्या के दोनाें आरोपी अंबाला जेल में बंद है। बीते माह सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपियाें की फांसी की सजा माफ कर दी थी।
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