भिवानी। सरल केंद्र में प्यास बुझाना आसान नहीं तो लघु सचिवालय में बने सरकारी शौचालय भी आम लोगों के लिए सुलभ नहीं हैं। लघु सचिवालय का आलम यह है कि कई शौचालयों पर ताला लटका हुआ है। शीतल पेयजल के लिए लगाए गए वाटर कूलर भी सूखे पड़े हैं। इतना ही नहीं लघु सचिवालय परिसर की छत पर रखी पानी की टंकियां भी खुले मुंह पड़ी हैं, जिनके अंदर गंदगी है। फरियादियों का कहना है कि यहां न पीने को पानी है न ठीक से बैठने की कोई जगह। शौचालयों के लिए भी दूर दराज जाने को मजबूर होना पड़ता है।
लघु सचिवालय परिसर में डीसी, एसपी, एडीसी, सीटीएम, एसडीएम सहित करीब 25 से अधिक सरकारी विभागों के कार्यालय हैं। जिनके अंदर करीब साढ़े चार सौ से अधिक सरकारी कर्मचारी भी काम करते हैं। यहां पर रोजाना ही करीब 600 से 700 लोग भी संबंधित सरकारी विभागों में कामकाज के लिए आते हैं। इनमें सबसे अधिक भीड़ यहां बने सरल केंद्र में होती है, क्योंकि एक ही छत के नीचे सभी विभागों के काम ऑनलाइन किए जा रहे हैं। सरल केंद्र में आने वाले लोगों के लिए प्यास बुझाना सरल नहीं है, क्योंकि यहां लगा वाटर कूलर में पानी ही नहीं है। इसकी टोंटी भी खराब पड़ी हैं। वाटर कूलर के आगे ही हटाए गए फलेक्स बोर्ड और गंदगी भी फैली है। उन्हें पानी पीने के लिए लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर लगी टंकी तक दौड़ लगानी पड़ती है। संवाद
कई टंकियां टूटी, दूषित पानी से संक्रमण का खतरा
लघु सचिवालय की छत पर लगी कई प्लास्टिक की टंकियां तो टूट चुकी हैं, जबकि सीमेंट की बनी कई बड़ी टंकियों में भी काफी अर्से से सफाई नहीं हुई। जिसकी वजह से गंदगी पानी के ऊपर साफ दिखाई दे रही है। यही पानी यहां आने वाले लोगों को भी पीने को मिलता है, जिससे बीमारियों के संक्रमण का भी खतरा बना रहता है।
स्वच्छता का ढिंढोरा, प्रशासन की नाक तले नहीं हो रही सफाई
जिला प्रशासन पूरे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए स्वच्छता का भी ढिंढोरा पीटा जा रहा है। लेकिन खुद जहां प्रशासनिक अधिकारी व संबंधित विभागों के अधिकारी बैठते हैं, वहीं पर साफ सफाई को लेकर कई विभाग संजीदा नहीं है। सरल केंद्र के शौचालयों में भी सफाई नहीं है, तो कई विभागों के शौचालय भी बदहाल हैं। लघु सचिवालय के गलियारों में संबंधित विभागों ने अपना कबाड़ डाल दिया है तो कई बिना इस्तेमाल का सामान भी गलियारे में लोगों के आने जाने की व्यवस्था में बाधा बना है।
इन विभागों में शौचालय का नहीं इंतजाम
लघु सचिवालय परिसर में कृषि उपनिदेशक कार्यालय, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय, जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में शौचालय का कोई प्रबंध नहीं हैं। इन विभागों के कर्मचारी लघु सचिवालय परिसर में अन्य जगह बने शौचालयों का ही इस्तेमाल करते हैं। जबकि कई जगह तो महिला कर्मचारियों व महिलाओं के लिए अलग से शौचालय भी नहीं हैं। कृषि उपनिदेशक कार्यालय की तरफ के शौचालय पर तो ताला जड़ दिया है।
ये बोले लोग::
मैं सरल केंद्र में वाहन की आरसी बनवाने के लिए आया था। काफी देर तक यहां रुकना पड़ा। यहां पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। शौचालय के बाहर भी काफी कबाड़ पड़ा है। प्रशासन को चाहिए कि यहां लोगों की सुविधा के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए, ताकि लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। - अनुराग शर्मा, हालुवास गेट क्षेत्रवासी।
लघु सचिवालय के प्रशासनिक विंग की तरफ सार्वजनिक रूप से पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। सरल केंद्र में मैं गया तो वहां वाटर कूलर भी सूख चुका था, उसी के आगे गंदगी भी फैली हुई थी। कुर्सी भी टूटी पड़ी है। आम लोगों यहां अपने कार्य को लेकर ही काफी परेशानी में रहते हैं, यहां मूलभूत सुविधा नहीं होने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। -सतपाल सिंह, कलिंगा वासी।
जमीन की फर्द लेने के लिए यहां आया था। काफी देर हो गई, मुझे यहां आसपास शौचालय भी नहीं मिला। पानी पीने के लिए भी गेट तक जाना पड़ा। लोगों के लिए यहां पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था बहुत जरूरी है। खासकर महिलाओं को काफी दिक्कत होती है। -सोनू, जूईकलां वासी।
राजस्व विभाग में जमीन के रिकार्ड से जुड़े कार्य से यहां आया था। मुझे दो घंटे अपने कार्य के लिए इंतजार करना पड़ा। इस बीच मुझे शौचालय जाने के लिए भी काफी दूर दराज जगह तलाशनी पड़ी। पीने का पानी कहां है, मुझे इसका भी कुछ नहीं पता। आम लोगों के लिए ये जगह नजदीक हो तो बेहतर है। -बजरंग, जूईकलां वासी।
लघु सचिवालय में साफ सफाई के साथ साथ पेयजल और शौचालय व्यवस्था के लिए संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हुई है। अगर कोई कमी है तो इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं हैं, मैं इस बारे में पता कराता हूं। अगर कोई खामी है तो उसे तुरंत प्रभाव से दूर करा दिया जाएगा। -विजय यादव, नगराधीश भिवानी।
लघु सचिवालय की छत पर टूटी पानी की टंकी। संवाद- फोटो : Bhiwani