शहर के नेहरू पार्क के सामने लगे स्टॅाल पर रखे गुलाल व पिचकारी।
भिवानी। फाग पर इस बार अतिरिक्त पानी की आपूर्ति नहीं मिलेगी। वहीं जिला प्रशासन ने भी लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित किया है।
बता दें कि शहरी दायरे के जलघर टैंकों में आठ दिनों तक नहरी पानी की आपूर्ति के बावजूद पर्याप्त पानी का भंडारण नहीं हो पाया है। ऐसे में उपायुक्त ने भी शहरवासियों से होली पर पानी की बर्बादी नहीं किए जाने का आह्वान किया है। हालत यह है कि होली के बाद शहरवासियों को फिर से पानी की राशनिंग भी झेलनी पड़ सकती है।
उपायुक्त महावीर कौशिक ने होली पर पानी को बर्बाद न करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए जल को संरक्षित करना बेहद जरूरी है। हमें उन इलाकों के बारे में भी सोचना चाहिए जहां पानी की भारी कमी देखने को मिलती है। इसलिए होली के दिन कम से कम पानी का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि आने वाले समय में पानी की कमी न हो। साथ ही अपने आस-पास के लोगों को प्रेरित करना चाहिए कि होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, पानी बर्बाद करने का नहीं। अगर इस होली के त्योहार पर सभी सूखी होली खेलने का संकल्प लें तो बहुत पानी बचाया जा सकता है।
खासकर बच्चों व विद्यार्थियों से इको फ्रेंडली होली खेलने का आह्वान करते हुए उपायुक्त महावीर कौशिक ने कहा कि केमिकल युक्त रंगों के पानी में मिलने से त्वचा और शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है। कई बार तो कई दिनों तक रंग शरीर से निकलते भी नहीं है। होली पर असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।