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Bhiwani: शेरा और सिंघम के लिए नई शेरनी की तलाश में जुटा वन्यजीव विभाग, बढ़ेगा बब्बर शेरों का कुनबा

Tue, 04 Nov 2025 09:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संजय वर्मा, भिवानी (हरियाणा)

सार

भिवानी लघु चिड़ियाघर में सिंबा और गीता के परिवार में अब कुल सात सदस्य हो गए हैं। शेरा और सिंघम को अलग बाड़े में रखा गया है जबकि गीता और उसके तीन नवजात शावक स्पेशल बाड़े में हैं। कुनबे के मुखिया सिंबा को भी अलग बाड़े में रखा गया है।
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लघु चिड़ियाघर में शेरनी गीता के साथ उसके तीन शावक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर में वयस्क हो चुके बब्बर शेर शेरा और सिंघम के लिए वन्यजीव विभाग नई मादा शेरनी की तलाश में जुट गया है। मादा शेरनी गीता ने नर शेर सिंबा से दूसरी बार तीन नए शावकों को जन्म दिया है जो अब 12 दिन के हो चुके हैं। इससे पहले गीता ने दो अक्तूबर 2023 को शेरा और सिंघम को जन्म दिया था जो अब दो साल डेढ़ माह के हो चुके हैं।

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वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार ये दोनों नर शेर अब प्रजनन योग्य हो गए हैं और अपना अलग कुनबा बनाने के लिए तैयार हैं। वन्यजीव विभाग की योजना है कि बब्बर शेरों के बाड़े में बदलाव कर दर्शकों को नजदीक से दीदार का अवसर दिया जाए। करीब तीन एकड़ में फैले बाड़े का पार्टिशन किया जाएगा और बीच में छह फीट चौड़ा गलियारा बनाया जाएगा जिससे दर्शक अंदर तक जाकर शेरों के परिवार को देख सकें।

सन 1982 में स्थापित भिवानी का यह लघु चिड़ियाघर 11 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है। यहां बब्बर शेर, पैंथर, भालू, बाघ, घड़ियाल, मगरमच्छ, हिरन, सांभर सहित कई प्रजातियों के पक्षियों के पिंजरे बने हैं। जनवरी 2023 में इंदौर के चिड़ियाघर से नर शेर सिंबा को यहां लाया गया था, वहीं मादा शेरनी गीता पहले से मौजूद थी। इससे पहले नर शेर शिवा को दूसरे चिड़ियाघर भेजा गया था जिसने गीता के साथ प्रजनन नहीं किया था। सिंबा के आने के बाद गीता ने पहली बार दो नर शावकों को जन्म दिया जिनका नाम शेरा और सिंघम रखा गया। अब गीता ने दूसरी बार तीन शावकों को जन्म दिया है जिनकी लिंग पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। 
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पंचकूला से पहुंचे मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक ने लिया शावकों का हाल
पंचकूला वन्यजीव विभाग मुख्यालय से मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. विवेक सक्सेना ने भिवानी के लघु चिड़ियाघर पहुंचकर गीता के तीन नवजात शावकों का हाल जाना और उनके रखरखाव की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय जू अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। जानकारी के अनुसार गीता ने 23 अक्तूबर की रात पौने नौ बजे पहला शावक, दस बजे दूसरा और साढ़े दस बजे तीसरा शावक जन्मा। तीनों शावक फिलहाल गीता के साथ अलग बाड़े में हैं और सीसीटीवी की निगरानी में रखे गए हैं।

भिवानी में बब्बर शेर के कुनबे में अब सात सदस्य
लघु चिड़ियाघर में सिंबा और गीता के परिवार में अब कुल सात सदस्य हो गए हैं। शेरा और सिंघम को अलग बाड़े में रखा गया है जबकि गीता और उसके तीन नवजात शावक स्पेशल बाड़े में हैं। कुनबे के मुखिया सिंबा को भी अलग बाड़े में रखा गया है। तीन नए शावकों में नर और मादा की संख्या का पता अभी नहीं चल पाया है।

गीता और शावकों की सेहत पर वन्यजीव विभाग की पैनी नजर
मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. विवेक सक्सेना और जिला वन्य अधिकारी चरणजीत सिंह के निर्देशों पर निरीक्षक देवेंद्र हुड्डा और वन्यजीव रक्षक सोमवीर ने शेरों के बाड़े पर निगरानी बढ़ा दी है। गीता की खुराक और शावकों को मौसम से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनकी सेहत की नियमित जांच की जा रही है और मुख्यालय को रोजाना अपडेट भेजा जा रहा है।

अधिकारी के अनुसार
बब्बर शेर की नई पीढ़ी में आए तीन शावकों और गीता की सेहत की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। दर्शकों से फिलहाल इन्हें दूर स्पेशल बाड़े में रखा गया है। बब्बर शेर के बाड़े में फेरबदल की योजना है। जिससे दर्शक बब्बर शेर का नजदीक से दीदार कर पाएंगे इसकी मंजूरी के लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा है। फिलहाल गीता और उसके तीन नन्हें शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। -वन्यजीव निरीक्षक देवेंद्र हुड्डा, इंचार्ज चौधरी सुरेंद्र सिंह लघु चिड़ियाघर, भिवानी।

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