भिवानी। प्रदेशभर में एक नवंबर से तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है लेकिन जागरूकता के अभाव में यह व्यवस्था पहले ही दिन फेल हो गई। सोमवार को जिले के तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री करवाने पहुंचे लोग नई प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण रजिस्ट्री नहीं करवा सके। मैन्युअल रजिस्ट्री पूरी तरह बंद होने से लोग हाथों में दस्तावेज लेकर तहसील में भटकते रहे। पूरे दिन रजिस्ट्री कक्षों में सन्नाटा पसरा रहा।
एक नवंबर को हरियाणा दिवस का अवकाश और दो नवंबर को रविवार होने के कारण तहसील कार्यालय बंद रहे। सोमवार को जब लोग रजिस्ट्री के लिए पहुंचे तो उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। राजस्व विभाग ने पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली थीं और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका था लेकिन आमजन को प्रक्रिया समझाने में चूक रह गई।
दरअसल पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए व्यक्ति को पहले पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसके बाद आधार या ओटीपी के माध्यम से पहचान सत्यापित कर सेल डीड फॉर्म भरना होता है। जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज अपलोड करने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लेकिन अधिकांश लोगों को न तो पोर्टल की जानकारी थी और न ही दस्तावेजों की तैयारी। ऐसे में सोमवार को एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
इस प्रक्रिया से होगा रजिस्ट्री के लिए आवेदन
पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए व्यक्ति को सबसे पहले पोर्टल पर लॉग इन कर आधार या ओटीपी के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके बाद सेल डीड फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
ऐसे चलेगी पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया
संबंधित व्यक्ति को यूनिफाइड पोर्टल eregistration.revenueharyana.gov.in पर जाकर मोबाइल नंबर से ओटीपी डालकर लॉगिन करना होगा।
नए यूजर को 503 रुपये फीस के साथ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
सेल डीड, खसरा नंबर, किला नंबर, एरिया, विक्रेता-खरीदार की जानकारी, आधार कार्ड, पुरानी रजिस्ट्री, एनओसी आदि दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
डीड की जानकारी ऑनलाइन रजिस्ट्री क्लर्क के पास जाएगी।
स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान कर अपॉइंटमेंट बुक करनी होगी।
तय तिथि पर खरीदार, विक्रेता व दो गवाहों को एसआरओ कार्यालय जाकर फिंगरप्रिंट व फोटो से पहचान करानी होगी।
दस्तावेजों की जांच के बाद डीड डिजिटल सिग्नेचर के साथ पोर्टल पर रजिस्टर्ड होगी।
रजिस्टर्ड डीड की कॉपी पोर्टल से डाउनलोड की जा सकेगी।
उदाहरण से समझें प्रक्रिया
यदि कोई व्यक्ति अपना प्लॉट बेचना चाहता है तो उसे पहले पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। फिर प्लॉट से संबंधित सभी जानकारी जैसे मालिक का नाम, खरीदार का नाम, डीड नंबर आदि दर्ज करनी होगी। यदि व्यक्ति को जमीन से संबंधित जानकारी नहीं है तो उसे दस्तावेज लेखक की मदद लेनी होगी। जानकारी मिलने के बाद ही वह ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।
एक नवंबर से पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत हो चुकी है। आमजन की सुविधा के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। सोमवार को कोई रजिस्ट्री नहीं हुई। लोग तहसील कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मैन्युअल रजिस्ट्री पूरी तरह बंद हो चुकी है।
- जयबीर, तहसीलदार, भिवानी