लगातार दूसरे दिन भी घंटाघर बूस्टर की 24 इंची मुख्य लाइन का वॉल्व ठीक नहीं हुआ। इसकी वजह से वीरवार सुबह लोहड़ और हालु जोन में कम प्रेशर से घरों के अंदर पानी पहुंचा। टेल पर लगने वाले घरों तक तो पानी की आपूर्ति ही नहीं हो पाई। चौथी बार खराब हुआ पुराना वॉल्व अब रिपेयरिंग के लिए भेजा है। इसकी शुक्रवार तक ठीक होने की संभावना है। वॉल्व खराब होने से पुराने शहर की कॉलोनियों के अंदर सुबह की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं शाम को भी कई इलाकों में पेयजल को लेकर दिक्कत बनी।
महम रोड पुराना जलघर से घंटाघर बूस्टर पानी की टंकी में आपूर्ति होती है। इसके बाद लोहड़ क्षेत्र में घंटाघर बूस्टर से सुबह चार बजे से साढ़े पांच बजे तक पहले जोन में पेयजल आपूर्ति दी जाती है। इसके बाद साढ़े पांच से सात बजे तक हालु जोन में आपूर्ति होती है। शहर में पेयजल आपूर्ति के दौरान तीनों ही जलघरों के बूस्टरों को एक साथ चलाया जाता है। ताकि शहर के अंदर पेयजल लाइनों में पानी का पूरा प्रेशर बना रहे।
वीरवार सुबह हालु जोन में आपूर्ति के लिए बूस्टरों से आपूर्ति दी गई। मगर लोहड़ जोन में आपूर्ति के दौरान घंटाघर बूस्टर से पानी आपूर्ति नहीं किया गया। इस कारण पानी की लाइनों में पूरा प्रेशर नहीं बन पाया। हालांकि बुधवार को भी कर्मचारियों ने खराब वॉल्व को चालू करने का हर संभव प्रयास किया, मगर बात नहीं बनी। इसके बाद वीरवार को खराब वॉल्व के हिस्से को रिपेयर कराने के लिए कंपनी के पास भेजा गया। मौसम में बदलाव के दौरान पानी की खपत घटी है। मगर जिन घरों के अंदर लगातार दूसरे दिन भी पानी नहीं पहुंचा उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
शहर के इन हिस्सों में बनी पानी की परेशानी
शहर के घंटाघर क्षेत्र, नेहरू पार्क, कृष्णा कॉलोनी, जाट कॉलोनी, हांसी गेट, नया बाजार, दिनोद गेट का कुछ हिस्सा शामिल है। इसके अलावा दूसरे हालु जोन में भी पानी का प्रेशर नहीं बना। जिस कारण दादरी गेट बूस्टर से चलने वाली लाइन में भी पानी का प्रेशर बहुत कम हो गया। इस वजह से शहर के हनुमान गेट, हनुमान ढाणी, सरकुलर रोड सहित दादरी गेट, बावड़ीगेट क्षेत्र और आसपास के इलाके में पानी का संकट बना।
एक माह बाद आएगा सुंदर गु्रप में नहरी पानी
सिंचाई विभाग के शेड्यूल के हिसाब से अब एक माह बाद ही सुंदर गु्रप की नहरों मेंं पानी आएगा। 28 सितंबर से पांच अक्तूबर तक सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी चला। इसके अलावा तीन दिन अतिरिक्त नहरी पानी भी इस गु्रप में मिला। अब फिलहाल निगाना फीडर में पानी चल रहा है। इससे भी कुछ गांवों के जलघरों के टैंकों को पानी की आपूर्ति मिल रही है।
नहीं हुई जलघर टैंकों की सफाई, जमा है जलीय पौधे और काई
शहर के तीनों ही जलघरों के वाटर टैंकों की सफाई नहीं हो पाई है। इसकी वजह से टैंकों में जलीय पौधे और काई जमी है। वहीं तलहटी में बारिश और बाढ़ का पानी आने से काफी मिट्टी भी जमा हो चुकी है। इस कारण इनकी क्षमता भी घट रही है। शहर के प्रत्येक जोन को करीब डेढ़ घंटे तक पानी की आपूर्ति मिल रही है। अगर जलघर के टैंकों में पानी का स्तर घटा तो फिर पेयजल आपूर्ति पर भी राशनिंग शुरू हो सकती है।
घंटाघर के लीक हुए वॉल्व को ठीक कराया जा रहा है। सभी जोन में पानी की आपूर्ति वीरवार को दी गई है। लेकिन घंटाघर बूस्टर नहीं चला। इस वजह से लाइन में पानी का प्रेशर थोड़ा कम रहा है। शुक्रवार तक समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
-सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।