भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में सड़क हादसे में घायल व्यक्ति रातभर बिना इलाज के तड़पता रहा और शनिवार तड़के दम तोड़ दिया। शुक्रवार शाम को बोलेरो की टक्कर से पिता-पुत्र की मौके पर मौत हो गई थी। तीन मौतों से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार सुबह अस्पताल परिसर में धरना देकर हंगामा किया। मृतक के परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया। परिजनों को समझाने के लिए सिविल सर्जन और डीएसपी को मौके पर पहुंचना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की नैक्लीजेंसी बोर्ड से जांच का आश्वासन दिया है, वहीं आरोपो बोलेरो चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करीब साढ़े छह घंटे बाद ग्रामीण धरना खत्म कर शवों को लेकर गांव रवाना हुए।
भिवानी-झुंझुनू दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई पर शुक्रवार रात करीब साढ़े सात बजे गांव देवसर के पास बोलेरो ने बाइक और ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे में गांव देवसर निवासी 40 वर्षीय विनोद और उसका 14 वर्षीय बेटा लवप्रीत की मौके पर मौत हो गई। वहीं ई-रिक्शा सवार 50 वर्षीय रमेश उर्फ गोदारा समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला नागरिक अस्पताल लाया गया। आरोप है कि रमेश को रातभर उचित इलाज नहीं मिला और न ही उसे रेफर किया गया। शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे उसने दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही सुबह करीब आठ बजे गांववासी और जनसंगठनों के पदाधिकारी आपात विभाग के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने शव लेने से भी मना कर दिया। सूचना पाकर डीएसपी हेडक्वार्टर आर्यन चौधरी और सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी चालक की गिरफ्तारी और चिकित्सक की लापरवाही की जांच का भरोसा दिया।
मोटर ठीक कराकर लौट रहे थे विनोद और बेटा
गांव देवसर निवासी विनोद टाइल्स लगाने का काम करता था। शुक्रवार शाम वह अपने बेटे लवप्रीत को लेकर भिवानी आया था। मोटर ठीक कराने के बाद वह बाइक से बेटे को लेकर गांव लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आई तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को रौंद दिया। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई। लवप्रीत नौवीं कक्षा का छात्र था। परिवार में बड़े बेटे पर अब कामकाज की जिम्मेदारी आ गई है।
बसों में टॉफी बेचते थे रमेश, एक साल पहले बेटे की भी हादसे में मौत
हादसे में घायल होकर दम तोड़ने वाले रमेश उर्फ गोदारा गांव देवसर के रहने वाले थे। 50 वर्षीय रमेश बस स्टैंड पर बसों में टॉफी और अन्य सामान बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उसके चार बेटियां और एक छोटा बेटा है। एक साल पहले उनके बड़े बेटे की भी सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। तीन बेटियां शादीशुदा हैं, जबकि एक बेटी और बेटा अविवाहित हैं। रमेश ही घर में एकमात्र कमाने वाले थे। हादसे के दिन भी वह बस स्टैंड से घर लौट रहे थे कि यह अनहोनी हो गई।
सड़क हादसे में घायल का जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों की मांग पर मामला नैक्लीजेंसी बोर्ड को सौंपा गया है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक पर कार्रवाई होगी। परिजनों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। -डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
पुलिस ने सड़क हादसे में आरोपी बोलेरो चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। परिजनों की मांग पर घायल की मौत की नैक्लीजेंसी बोर्ड जांच होगी। शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामले में तत्परता से कार्रवाई की है। -आर्यन चौधरी, डीएसपी, जिला मुख्यालय भिवानी।