भिवानी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पुराने शहर के अंदर करीब 35 किलोमीटर लंबाई तक की जर्जरहाल पुरानी पेयजल लाइनों को बदली किए जाने का खाका तैयार किया है। पुरानी लाइनों की जगह नई लाइनें डालने के एस्टीमेट तैयार किए गए हैं, जिनका अब एजेंसी से सर्वेक्षण का काम कराया जाएगा। इसी के बाद इन मसौदों को मुख्यालय बजट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
दरअसल, शहर के विभिन्न हिस्सों में पेयजल लाइनों की लीकेज से गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या बनी है। वहीं लाइनों में पानी का प्रेशर भी बहुत कम बन रहा है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहरी पेयजल शाखा की ओर से अमृत फेज टू के तहत शहर के अंदर करीब चार दशक पुरानी जर्जरहाल पेयजल लाइनों को बदलने का खाका तैयार किया है। हालांकि अधिकांश पुरानी लाइनों को ही बदला जाएगा। जबकि शहर के कुछ हिस्से में नई लाइन भी डाली जाएगी।
जिन कॉलोनियों को अभी सरकार से अधिकृत नहीं किया है, उन कॉलोनियों को फिलहाल छोड़ दिया है। इलाके वाइज जेई ने पेयजल लाइनों का एस्टीमेट तैयार किए हैं। इन लाइनों का मुख्यालय की ओर से अब सर्वेक्षण का कार्य किसी निजी एजेंसी से कराया जाएगा। सर्वेक्षण के बाद ही इन लाइनों के ले आउट प्लान पर बजट की डिमांड सरकार से होगी। सर्वेक्षण में यह भी साफ हो जाएगा कि किस इलाके में कितनी और किस क्षमता की पेयजल लाइन डालने की जरूरत होगी और पूरे शहर में कितनी लंबाई तक पेयजल लाइन डालने के लिए पाइप लगेगा।
शहर के इन हिस्सों में बनी है लीकेज व पुरानी पेयजल लाइन की समस्या
शहर के हनुमान गेट मुक्तिधाम मार्ग, जैन चौक क्षेत्र, दादरी गेट, सराय चौपटा, जगत कॉलोनी, विजय नगर, पुराना हाउसिंग बोर्ड, नया बाजार, फैंसी चौक क्षेत्र, लोहड़ बाजार, दिनोद रोड की कॉलोनियों में पेयजल लाइनों को लेकर दिक्कत है। इसी तरह पुराने शहर सरकुलर रोड के अंदर की कई कॉलोनियों में छोटी लाइनें व काफी पुरानी प्लास्टिक पाइप लाइनें हैं। इनमें ज्यादा लीकेज बनी हैं।
शहर के अंदर काफी पुरानी पेयजल लाइनों को बदलने के एस्टीमेट तैयार कराए गए हैं। इसके बाद इन लाइनों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके बाद सरकार से कार्यों के लिए बजट की डिमांड भेजी जाएगी। ये कार्य अमृत फेज टू के तहत होंगे।
-प्रमोद कुमार कार्यकारी अभियंता शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।