भिवानी। मुख्यमंत्री शिकायत निवारण विंडो पर आने वाली शिकायतों का पुलिस किस तरह से निपटान कर रही है, इसकी एक बानगी भिवानी में देखने को मिली। सीएम विंडो में की गई शिकायत पर पुलिस के जांच अधिकारी ने खुद ही शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर कर उसका निवारण कर डाला। जब शिकायतकर्ता को इसकी भनक लगी तो उसने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। एसपी ने मामले की जांच डीएसपी जिला मुख्यालय को सौंपी। डीएसपी की जांच में भी एएसआई को दोषी पाया है। वहीं डीएसपी मुख्यालय ने अब इस मामले में एसपी को अपनी रिपोर्ट भेजकर इस मामले में विभागीय जांच की सिफारिश की है। इसके बाद ही आरोपी एएसआई के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
मुंढाल कलां निवासी मुकेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उसने मुंढाल पुलिस चौकी में घर के अंदर घुसकर मारपीट किए जाने की बाप-बेटा के खिलाफ शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसने 15 मई को सीएम विंडो में शिकायत कर दी। इसके बाद शिकायत पर 14 जून 2023 को मुंढाल पुलिस चौकी के जांच अधिकारी एएसआई दलबीर ने उसे चौकी में बुलाया था। इस दौरान उससे मौखिक पूछताछ कर उसे वापस भेज दिया।
शिकायत के संबंध में उससे कोई बयान दर्ज नहीं कराए गए। इसके बाद 29 जून को उसके फोन पर सीएम विंडो की शिकायत की स्टेटस रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसमें उसके नाम से बयान अंकित किए गए थे और उसके नाम से हस्ताक्षर भी किए गए हैं। जबकि उसने कोई बयान नहीं दिया और न ही कोई हस्ताक्षर किए।
उसने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने उसके नाम से झूठा राजीनामा की रिपोर्ट बनाकर उसके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर सीएम विंडो की शिकायत का ही गलत तरीके से निपटान कर डाला। मामले की शिकायत उसने पुलिस अधीक्षक भिवानी को दी। इसके बाद एसपी ने मामले की जांच जिला मुख्यालय के डीएसपी रमेश कुमार को सौंपी। डीएसपी मुख्यालय ने अपनी जांच के बाद सीएम विंडो की अंतिम रिपोर्ट में मुंढाल पुलिस चौकी के जांच अधिकारी एएसआई दलबीर को दोषी माना। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय ने मुकेश कुमार की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक को मुंढाल चौकी के एएसआई दलबीर सिंह के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश भेजी है।
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मुंढाल निवासी मुकेश कुमार की शिकायत पर मैंने अपनी जांच कर मुंढाल पुलिस चौकी के एएसआई दलबीर के खिलाफ अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को भेज दी है। इसमें एएसआई के खिलाफ मामले की विभागीय जांच की सिफारिश की गई है। विभागीय जांच में मुकेश के वास्तविक हस्ताक्षर भी रखे जाएंगे और सीएम विंडो की शिकायत का निवारण करने पर किए गए हस्ताक्षरों की भी जांच होगी। इसी के बाद इस संबंध में आरोपी पुलिस कर्मी के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-रमेश कुमार, डीएसपी, मुख्यालय भिवानी।