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Bhiwani News: पांच दशक पुरानी बामला पीएचसी का ढांचा ध्वस्त होगा, 4.34 करोड़ से बनेगा नया भवन

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गांव बलियाली का पीएचसी जो ट्रस्ट की जगह पर चल रहा है।
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भिवानी। करीब पांच दशक पुराने गांव बामला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के जर्जर भवन को ध्वस्त कर 4 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से नया भवन बनाया जाएगा। जिला परिषद की तकनीकी विंग ने निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 2 मार्च को टेंडर खोले जाएंगे और वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद 30 अप्रैल तक निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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एजेंसी को काम एक वर्ष की निर्धारित अवधि में पूरा करना होगा। इसके साथ ही गांव बलियाली की पीएचसी के लिए 3 करोड़ 58 लाख रुपये के बजट को मंजूरी मिल चुकी है जबकि गांव ओबरा में पीएचसी निर्माण के लिए करीब दो एकड़ पंचायती भूमि की तलाश जारी है। ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य विभाग से बजट मंजूर होने के बाद जिला परिषद की तकनीकी विंग ने नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। गांव बामला पीएचसी भवन के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। कार्य आदेश जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर एक वर्ष में भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में वर्तमान में 32 उप स्वास्थ्य केंद्र, दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खस्ताहाल हैं। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों को जर्जर घोषित किए जाने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से गांवों की चौपालों में संचालित किया जा रहा है। ऐसे स्थानों पर न तो समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो पाती हैं और न ही संक्रमण रोकथाम का अनुकूल वातावरण बन पाता है। नए भवन बनने के बाद संबंधित गांवों और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार, सड़क हादसों में घायल मरीजों की देखभाल, सामान्य स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण जैसी आवश्यक सेवाएं बेहतर ढंग से मिल सकेंगी।
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ट्रस्ट की भूमि पर चल रहा बलियाली का पीएचसी
गांव बलियाली का पीएचसी फिलहाल ट्रस्ट की भूमि पर संचालित हो रहा है। पहले यहां उप स्वास्थ्य केंद्र था जिसे अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। भवन की स्थिति खस्ता होने के कारण इसे अस्थायी रूप से ट्रस्ट की जगह पर शिफ्ट किया गया है। ग्राम पंचायत ने पीएचसी निर्माण के लिए खेल स्टेडियम के समीप करीब डेढ़ एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है, जिस पर अब नया भवन बनाया जाएगा।

बामला की चौपाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मरीज बेहाल
गांव बामला प्रथम का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन करीब पांच दशक पुराना है और इसे काफी पहले जर्जर घोषित किया जा चुका है। वर्तमान में पीएचसी गांव की चौपाल में संचालित हो रहा है जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुराने भवन को ध्वस्त कर नया पीएचसी बनाया जाएगा। निर्माण के लिए करीब डेढ़ एकड़ ग्राम पंचायत भूमि उपलब्ध है। नया भवन बनने के बाद ग्रामीणों को चौपाल में प्राथमिक उपचार, टीकाकरण और सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा तथा चिकित्सकों व स्टाफ को भी सुरक्षित कार्यस्थल मिलेगा।

ओबरा में पीएचसी निर्माण के लिए दो एकड़ भूमि की तलाश
गांव ओबरा में भी जिला परिषद की तकनीकी विंग द्वारा पीएचसी भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए करीब दो एकड़ पंचायती भूमि की तलाश की जा रही है। पहले सुझाई गई जगह को लेकर विवाद होने के कारण अब नई जगह की खोज जारी है। भूमि उपलब्ध होते ही यहां भी पीएचसी का निर्माण कराया जाएगा।


गांव बामला पीएचसी के भवन निर्माण के टेंडर कराए जा चुके हैं, दो मार्च को टेंडर खोले जाएंगे। 30 अप्रैल तक पीएचसी निर्माण काम शुरू करा दिया जाएगा। ओबरा में फिलहाल पीएचसी को लेकर जगह निश्चित नहीं हो पाई है जबकि गांव बलियाली में भी पीएचसी का बजट मंजूर हो चुका है। जिसके निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। जिला परिषद की तकनीकी विंग द्वारा निर्धारित मानकों के हिसाब से पीएचसी के नए भवन तैयार कराए जाएंगे। -विजय कुमार, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग।
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