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भोपाल से लाइट में रजिस्ट्री कराने आरोपियों को भिवानी लेकर आया था जगजीत मलिक उर्फ आशीष

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भिवानी। हांसी गेट के पास बैप्टिस्ट चर्च के पुराने सेशन हाउस और हॉस्टल की करोड़ों रुपयों की विवादित भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराने के प्रयास मामले में आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने खरीददार और एक गवाह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो दिन रिमांड पर लेने के बाद उन्हें शनिवार को न्यायालय में पेश किया जहां से जिला कारागार भेजा गया। वहीं इस मामले में पुलिस मास्टर माइंड राजेश उर्फ सरकारी सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों में भी जुटी है।
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हांसी गेट क्षेत्र में बैप्टिस्ट चर्च की करीब सौ करोड़ से अधिक कीमत की 12342 वर्ग गज चर्च की विवादित भूमि है। इसमें मिशन हाउस और स्कूल और हॉस्टल बना हुआ है। इस विवादित भूमि को बेचने के लिए एक करोड़ 72 लाख रुपये में फर्जी दस्तावेजों के सहारे फर्जी अथॉरिटी अधिकारी बनकर बेचने का प्रयास किया गया। इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। इसके बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा की टीम द्वारा की गई। इसमें गड़बड़झाला उजागर हुआ और भिवानी तहसीलदार सहित नौ नामजद लोगों सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ। आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज एएसआई राधेश्याम की टीम ने विवादित भूमि खरीद मामले में कथित खरीददार जगजीत मलिक उर्फ आशीष वासी पुट्ठी व इस मामले में गवाह बने रोहित फौगाट वासी रोहतक को गिरफ्तार कर उन्हें न्यायालय में पेश कर उनका दो दिन के लिए पुलिस रिमांड लिया।
आर्थिक अपराध शाखा इंचार्ज राधेश्याम ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में आरोपी जगजीत मलिक उर्फ आशीष ने बताया कि वह खुद भोपाल से फ्लाइट के जरिये सतीश जार्ज व अन्य को भिवानी तहसील कार्यालय में आया था। इस मामले में दो लोगों को गवाह भी बनाया गया था। वहीं आरोपी रोहित फर्जी रजिस्ट्री मामले में गवाह बना था।
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