कैरू का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
कैरू। कैरू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार अस्पताल भवन में आधारभूत सुविधाएं तो हैं, लेकिन डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति नहीं होने से मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यहां एमओ और एसएमओ के पद खाली पड़े हैं।
सेवानिवृत्ति के करीब चिकित्सक छुट्टी पर गए
कैरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान में तैनात चिकित्सक डॉ. कृष्ण सेवानिवृत्ति के निकट हैं और उन्होंने अवकाश ले रखा है। ऐसे में तोशाम सीएचसी से डॉ. सुधीर को 14 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर डेपुटेशन पर भेजा गया है। हैरानी की बात यह है कि कैरू सीएचसी में चिकित्सकों के पद स्वीकृत तो हैं, लेकिन अब तक किसी की स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पताल में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।
कैरू के सरपंच सुंदरपाल, सुभाष रंगा सरपंच प्रतिनिधि, भवानी तवर, रमेश कुमार, पंकज देवराला, सतीस वर्मा खापड़बास, कृष्ण सरपंच प्रतिनिधि खापड़बास, लक्ष्मी पंच देवराला, सत्यनारायण ने बताया कि कैरू सीएचसी में चिकित्सकों की कमी है, जिस कारण न केवल कैरू बल्कि क्षेत्र के गांवों के लोगों को भी परेशानी हो रही है। डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल की ओपीडी कम हो गई है।
इलाज नहीं, रेफर ही सहारा
सीएचसी में जीवनरक्षक सुविधाओं का अभाव है। नतीजतन, गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा और गरीब व श्रमिक वर्ग निजी अस्पतालों की महंगी सेवाओं के लिए विवश हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सुविधाओं का दावा कर रहा है लेकिन यहां इलाल नहीं रेफर ही सहारा है।
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