भिवानी। दिवाली के बाद भी जिले की हवा जहरीली बनी हुई है। बुधवार को शहर की आबोहवा खतरनाक जोन में पहुंच गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसतन 331 दर्ज किया गया जो डेंजर जोन में आता है। प्रदूषण के इस स्तर ने लोगों की सेहत के लिए खतरा बढ़ा दिया है। सांस के मरीजों को दिक्कत हो रही है और आंखों में जलन की शिकायतें भी बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को हवा में नमी 28 फीसदी रही जबकि हवा की गति नौ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। दिवाली की रात एक्यूआई 450 तक पहुंच गया था। मंगलवार को मामूली सुधार देखने को मिला लेकिन बुधवार को फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। सुबह और शाम के समय हल्की स्मॉग छाई रही जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार जिले में अभी तक पराली जलाने का कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रदूषण का यह असर दिवाली की आतिशबाजी और वातावरण में तैरते धूलकणों का परिणाम बताया जा रहा है। एनसीआर क्षेत्र में भी स्मॉग छाई हुई है और उसका असर भिवानी में भी महसूस किया जा रहा है।
शाम चार बजे दर्ज हुआ 331 एक्यूआई खतरनाक श्रेणी में आता है। यदि जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो प्रशासन को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) लेवल-1 और लेवल-2 लागू करना पड़ सकता है। इसके लागू होने पर औद्योगिक इकाइयों और निर्माण कार्यों पर रोक लग सकती है। ईंट-भट्ठों और क्रशर जोन को भी बंद किया जा सकता है। जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें लगातार एक्यूआई पर नजर बनाए हुए हैं। संभावित स्थानों पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव भी कराया जा सकता है।
धान की फसल जलभराव से हो चुकी खराब, अब भी खेतों में जमा है पानी
जिले में करीब 71 हजार एकड़ भूमि में धान की रोपाई की गई थी लेकिन इस बार अधिकांश क्षेत्रों में बरसाती जलभराव बना रहा। नतीजतन काफी किसानों की फसल खराब हो गई। अब भी कई खेतों में पानी जमा है जिससे पराली जलाने के मामले सामने नहीं आए हैं। जिला प्रशासन ने कृषि विभाग के माध्यम से पराली जलाने की निगरानी बढ़ा दी है। अभी तक जिले में पराली जलाने का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है।
बुधवार को दिनभर ऐसे रहा एक्यूआई
सुबह 5 बजे – 300 से अधिक
सुबह 7 बजे – 250 से अधिक
सुबह 9 बजे – 260 एक्यूआई
सुबह 11 बजे – 310 एक्यूआई
दोपहर 1 बजे – 240 एक्यूआई
दोपहर 3 बजे – 190 एक्यूआई
शाम 4 बजे – 170 एक्यूआई
शाम 5 बजे – 184 एक्यूआई