भैया दूज पर लड्डू गोपाल की मूर्ति खरीदती महिला।
भिवानी। दिवाली के बाद भैया दूज पर्व को लेकर बुधवार को महिलाओं ने शहर के बाजारों में जमकर खरीदारी की। मिठाई की दुकानों पर भी खासा उत्साह देखा गया। पंडितों के अनुसार वीरवार सुबह साढ़े छह बजे से आठ बजे और दोपहर 11 बजे से तीन बजे तक बहनों द्वारा भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधना शुभ रहेगा।
दिवाली और गोवर्धन पूजा के बाद भैया दूज पर्व का त्योहार इस शृंखला में अंतिम माना जाता है। इस पर्व को लेकर बहनों में काफी उत्साह दिखाई दिया। कई बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए दूर-दराज से सफर कर भाई के घर पहुंच रही हैं। बुधवार को भी बसों में महिलाओं ने यात्रा कर एक दिन पहले ही भाई के घर पहुंचना शुरू कर दिया था। वहीं वीरवार को भी महिलाएं बसों में सफर कर भाई के घर भैया दूज मनाने पहुंचेंगी। शहर के घंटाघर, सराय चौपटा और किरोडीमल मंदिर के बाजार में कपड़े और कास्मेटिक्स की दुकानों पर भी महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई।
दो मुहूर्त में बहनें कर सकती हैं तिलक और रक्षा सूत्र बांधने की विधि
पंडित मोहित ब्रजवासी ने बताया कि वीरवार को भैया दूज के दो मुहूर्त हैं जिनमें बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं। भाई और बहन के अटूट प्रेम में भईया दूज का पौराणिक महत्व है। ऐसे त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को और प्रगाढ़ बनाते हैं। बुधवार को शहर के बाजारों में भीड़ इसी प्रेम और उत्साह का प्रमाण थी। खासकर महिलाओं ने कपड़े और भैया दूज पर्व मनाने की सामग्री खरीदी। मिठास घोलने के लिए भी उन्होंने मिठाई की खरीदारी की।
कान्हा और लड्डू गोपाल के लिए भी खरीदी गई सामग्री
भैया दूज पर जिन घरों में लड्डू गोपाल और कान्हा हैं वहां भी बहनों ने बाजार से कान्हा की ड्रेस और शृंगार खरीदा। कई महिलाएं कान्हा और लड्डू गोपाल को भी रक्षा सूत्र बांधकर भैया दूज मनाएंगी। सराय चौपटा स्थित दुकानों में कान्हा की ड्रेस खरीदने में दिनभर महिलाओं ने उत्साह दिखाया।