भिवानी। टीबी से बचाव और मरीजों को बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बेहतर कार्य करने वाले जिलों को सम्मानित किया जा रहा है। इसके तलि भिवानी जिले को आठ लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया है। प्रदेश सरकार ने टीबी को समाप्त करने में बेहतर कार्य करने वाले सात जिलों को पुरस्कृत किया है। इसके तहत तीन जिलों को 5-5 लाख रुपये, तीन नागरिक अस्पतालों को तीन-तीन लाख रुपये और दो जिलों की दो सीएचसी को दो-दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया है।
उपसिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं वाले जिले की कैटेगरी में भिवानी, महेंद्रगढ़ और कैथल को 5-5 लाख रुपये, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं वाले नागरिक अस्पताल की कैटेगरी में अंबाला, भिवानी व रोहतक को 3-3 लाख रुपये, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं वाली सीएचसी सोनीपत की गन्नौर व मेवात की तावडू को जल्द ही दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके लिए सभी जिलों की ओर से पिछले दिनों ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसमें 22 जिलों के सर्वेक्षण के बाद ये पुरस्कार दिए गए है। सर्वे में नौ मापदंडों को पूरा करने वाले जिले, नागरिक अस्पताल और सीएचसी को पुरस्कार राशि दी है।
जिलेभर में टीबी रोगियों की पहचान में जुटीं 664 टीमें
जिले में टीबी के प्रति दो मार्च तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की टीबी की बीमारी से संबंधित सभी जानकारी ली जाएगी। जिले में सर्वे के लिए 664 टीमों का गठन किया है। सर्वे के लिए बवानीखेड़ा में 76 टीमें जो ईंट भट्ठे, जिसमें गांव बड़सी, सिकंदरपुर और जीताखेड़ी में जाकर सर्वे कर रही हैं। तोशाम में 223 टीमें खानक, डाडम आदि स्लम एरिया में सर्वे कर रही हैं। वहीं, लोहारू में 148 टीमें वार्ड नंबर 10 चहड़ कलां, कुड़ल, सिवानी में 56 टीमें वार्ड नंबर 11, वार्ड नंबर 3 और फैक्टरी एरिया में सर्वे कर रही हैं। इसी प्रकार भिवानी में कुल 161 टीमें, जो कि हनुमान गेट एरिया, दादरी गेट एरिया, सेवा नगर एरिया में घर-घर जाकर टीबी के एक्टिव केस के लिए सर्वे करने में जुटी हैं।
जिले में टीबी के 1980 सक्रिय मरीज
जिले में फिलहाल टीबी के 1980 सक्रिय मरीज हैं। इनमें से अधिकतर मरीज सरकारी अस्पतालों से ही दवा ले रहे हैं, जबकि महज कुछ मरीज निजी अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं। जिले के 207 मरीजों का टीबी निवारण उपचार चल रहा है। टीबी के दौरान मरीज को सरकार द्वारा 500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
पुरस्कार के लिए टीबी नोडल ऑफिसर डॉ. सुमन विश्वकर्मा सहित टीम के सभी सदस्य तारीफ के काबिल है। पिछले दिनों सरकार की ओर से सर्वे करवाया गया था, जिसमें जिले में टीबी मरीजों की जांच से लेकर उपचार तक की बेहतर सुविधाएं मिलने पर पुरस्कार की श्रेणी में शामिल किया है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जल्द ही जिला भी टीबी मुक्त होगा।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।