हांसी-महम रेल मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज।
मुंढाल (भिवानी) । कस्बा मुंढाल के समीप हांसी-महम रेलमार्ग पर करीब छह माह से रेलवे ओवरब्रिज में टॉप सेक्शन निर्माण का काम अधर में लटका है। रेलवे अधिकारियों ने रेलवे ओवरब्रिज के टॉप सेक्शन की ड्राइंग मंजूरी के लिए मसौदा मुख्यालय को भेजा है, मगर अभी तक मंजूरी मिलने का इंतजार है। हालांकि रेलवे ओवरब्रिज के दोनों छोर का काम लगभग हो चुका है। अभी तक टॉप सेक्शन नहीं बनने से इस पुल को चालू नहीं किया जा सका है।
कस्बा मुंढाल के समीप हांसी-महम रेल मार्ग पर अप्रैल 2022 में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का काम शुरू हुआ था। करीब 800 मीटर से अधिक लंबे इस रेलवे ओवरब्रिज के दोनों छोर पर काम लगभग पूरा होने को है। हालांकि अभी तक रेलवे ने ओवरब्रिज के टॉप सेक्शन निर्माण को मंजूरी नहीं दी है। हालांकि रेलवे के अधिकारी टॉप सेक्शन की ड्राइंग तैयार कर इसे मंजूरी के लिए मुख्यालय को भेज चुके हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस पुल का निर्माण भी करीब एक साल की निर्धारित अवधि में पूरा होना था, मगर टॉप सेक्शन को मंजूरी नहीं मिल पाने की वजह से ये काम डेढ़ साल से अधर में ही लटका पड़ा है।
रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की वजह से भिवानी से वाया मुंढाल जींद जाने वाली रोडवेज बसों को भी लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। भिवानी से जींद की दूरी करीब 70 किमी है। भिवानी से जींद जाने वाली बसों को वाया तालू होते हुए जींद जाना पड़ता है। इस तरह रोडवेज बसों को भी छह किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में रोडवेज ने भी भिवानी से जींद का किराया 90 रुपये से 95 रुपये कर दिया है।
खेतों में जाने-वाले किसान भी झेल रहे परेशानी
रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की वजह से मुंढाल क्षेत्र के आसपास के किसानों को भी अपने खेतों में जाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। क्योंकि खेतों की तरफ जाने के लिए न कोई सर्विस रोड है न ही कोई अंडरपास बना है। बारिश के दिनों में तो किसान खेतों में जाने के लिए भी काफी दिक्कतों का सामना करते हैं।
रेलवे अधिकारियों ने ओवरब्रिज में टॉप सेक्शन की ड्राइंग अप्रूवल के लिए फाइल मुख्यालय भेजी हुई है। जैसे ही इसकी मंजूरी मिलती है करीब तीन माह में काम पूरा कर रेलवे ओवरब्रिज को चालू कर दिया जाएगा।
-कृष्ण कुमार, सुपरवाइजर, रेलवे कांट्रेक्टर एजेंसी।