बवानीखेड़ा। अपने दोस्त के पास वीरवार शाम को कॉपी लेने गए देवांश का शव 17 घंटे बाद शुक्रवार सुबह बवानीखेड़ा के बड़े जोहड़ में श्मिला। घटना को देखने से परिजनों को लग रहा था कि देवांश का पैर फिसल गया होगा।
मृतक देवांश के परिजन नरेश कौशिक ने बताया उनका भाई सतीश का 13 वर्षीय बड़ा बेटा देवांश अपने दोस्त के यहां कॉपी लेने के लिए वीरवार शाम पांच बजे घर से निकला था। शाम सात बजे तक घर पर वापस नहीं आने पर परिजनों को चिंता सताने लगी। दोस्तों के यहां पूछा तो उन्होंने बताया कि उनके पास देवांश नहीं आया। स्कूल की सहायता लेते हुए अन्य सहपाठियों से तलाश की। जिसमें एक साथी ने बताया कि देवांश लगभग साढ़े पांच बजे बड़े जोहड़ के पास देखा गया। पुलिस व अन्य परिजनों की सहायता से तलाश करने की कोशिश की। गांव में हर रास्ते पर सीसीटीवी फुटेज भी देखी गई, परंतु कुछ पता नहीं चला। रात लगभग साढ़े 10 बजे बड़े जोहड़ पर बुर्जी के पास जोहड़ में चप्पल तैरती हुई दिखाई दी। चप्पल की पहचान होने के बाद रात ढाई बजे तक कस्बावासियों द्वारा जोहड़ में गोते लगाए गए, परंतु कुछ भी मिला। शुक्रवार को दोबारा से गोताखोरों की सहायता से एक बार प्रयास किया गया तो शुक्रवार 10 बजे तक देवांश का शव मिला।