लाखों रुपये के गबन मामले को लेकर एक बैंक कर्मचारी ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ निगलकर जान दे दी। परिजनों ने बैंक अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने पुलिस पर भी सूचना देने के बावजूद बयान नहीं लेने पहुंचने का आरोप लगाया।
घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे की है। चिड़ियाघर मोड़ स्थित एक प्राइवेट बैंक के कर्मचारी वीरेंद्र ने दोपहर करीब 12 बजे ढाणा रोड पर नहर किनारे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और वीरेंद्र को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लेकर आए।
यहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। परिजन वीरेंद्र को पीजीआई रोहतक ले जाने की बजाय चिड़ियाघर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। जहां उपचार के दौरान सायं करीब पौने पांच बजे वीरेंद्र ने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता जयभगवान ने बताया कि वीरेंद्र पिछले कुछ दिनों से काफी परेशान चल रहा था। उसने बताया था कि बैंक के कुछ अधिकारी उसे तंग कर रहे है और गबन के आरोप लगा रहे है। बैंक अधिकारियों की प्रताड़ना से परेशान होकर ही उसने यह कदम उठाया है।
हंगामे और जाम की चेतावनी दी तो पहुंची पुलिस
बार-बार सूचना देने के बावजूद पुलिस के नहीं पहुंचने पर वीरेंद्र के परिजनों व अन्य लोगों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया और रोष जताया। इसके बाद पुलिस पहुंची। मृतक वीरेंद्र के पिता जयभगवान ने बताया कि करीब एक बजे उन्होंने पुलिस के पास फोन कर सूचना दी थी। वीरेंद्र पुलिस के समक्ष बयान देना चाहता था। मगर बार-बार सूचना देने के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची। करीब साढे़ चार बजे कुछ लोगों ने रोष जताया और रोड जाम की चेतावनी दी तो साढे़ चार बजे पुलिस अस्पताल पहुंची। उस समय वीरेंद्र की हालत ज्यादा खराब हो चुकी थी और उसके करीब 15 मिनट बाद
उसने दम तोड़ दिया।
गबन करने वालों की थाने में दी है शिकायत
बैंक मैनेजर ने गबन के आरोप में फंसे दो कर्मचारियों की शिकायत पुलिस थाने में की है। मैनेजर की शिकायत के बारे में एसएचओ सिविल लाइन कुलदीप सिंह ने बताया कि बैंक मैनेजर की फर्जी अकाउंट खोलकर गबन करने की शिकायत आई है। उसकी जांच की जा रही है। दो कर्मचारियों पर आरोप है, जिन्हें सस्पेंड किया हुआ है। अभी किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।