भिवानी। भिवानी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंर्तप्रीत सिंह ने चेक बाउंस के एक मामले में गांव कायला निवासी संजू को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही डेढ़ लाख रुपये बतौर मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार गांव कोहाड़ निवासी मान सिंह ने अपने एक जानकार गांव कायला निवासी संजू को वर्ष 2020 में एक लाख रुपये उधार दिए थे। जिसको लौटाने की एवज में संजू ने वर्ष 2021 एक लाख रुपये का चेक मान सिंह को दिया था, जो कि बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद मान सिंह ने अपने अधिवक्ता मुकेश गुलिया के माध्यम से संजू को लीगल नोटिस भेजा और रुपये लौटाने के लिए 15 दिन का समय दिया। लेकिन संजू ने न तो लीगल नोटिस का जवाब दिया तथा न ही रुपये लौटाए। उसके बाद शिकायतकर्ता मान सिंह ने अपने अधिवक्ता मुकेश गुलिया के माध्यम से कोर्ट में केस दायर किया।
अधिवक्ता मुकेश गुलिया ने बताया कि सुनवाई करते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंर्तप्रीत सिंह ने मामले में मान सिंह के अधिवक्ता द्वारा पेश किए गए सभी तथ्यों को सही ठहराते हुए यह माना कि आरोपी ने जानबूझकर चेक जारी किया, जबकि उसके बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं थी।
कोर्ट ने इस कृत्य को धारा-138 एनआई एक्ट का उल्लंघन मानते हुए दोषी संजू को एक वर्ष की सजा व डेढ़ लाख रुपये मुआवजा पीड़ित मान सिंह को देने के आदेश दिए। इसके साथ ही रुपये न देने की एवज में तीन माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान फैसले में किया।