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Bhiwani News: नोटिस देकर कैरू पुलिस चौकी में बुलाया, इंचार्ज पर शिकायतकर्ता महिला ने लगाए डराने धमकाने के आरोप

Sun, 01 Jun 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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कैरू पुलिस चौकी से आया नोटिस दिखाती महिला सुमन।
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भिवानी। हरियाणा पुलिस सेवा सुरक्षा और सहयोग का नारा भले ही दे रही है, लेकिन आज भी पुलिस चौकी और थानों में आम फरियादी के प्रति पुलिस का रवैया तानाशाह और रौब झाड़ने का ही बना है। ताजा मामला कैरू पुलिस चौकी का है। जहां शनिवार को उपायुक्त के समाधान शिविर में शिकायत लगाने वाली फरियादी महिला को घर पर नोटिस भेजकर कैरू पुलिस चौकी में बुलाया गया था। लेकिन जब फरियादी महिला कैरू पुलिस चौकी में पहुंची तो उसकी मनुहार सुनने के बजाय चौकी इंचार्ज ने उस पर ही रौब झाड़ना शुरू कर दिया और जबरन शिकायत का समाधान दिखाने के लिए अंगूठा लगाने का भी दबाव बनाने लगा। जब फरियादी महिला ने इसका विरोध किया ताे चौकी इंचार्ज ने उस महिला पर ही थाने में ऊंची आवाज में बात करने और उसके नाबालिग बेटे को सलाखों के अंदर डाल देने की धमकी तक दे डाली। हालांकि कैरू पुलिस चौकी इंचार्ज अपनी सफाई में महिला से दुर्व्यवहार के आरोपों को सिरे से नकार रहे हैं। वहीं चौकी में गांव की पंचायत भी मौजूद रहने का हवाला दे रहे हैं।
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गांव झुंडावास निवासी सुमन ने उपायुक्त के समाधान शिविर में उसके घर के सामने गली में पड़ोस के कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत दी थी। इससे पहले उसने कैरू खंड एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में गली पर अवैध कब्जा की शिकायत दी थी। इसी को लेकर आरोपी पक्ष उसके साथ झगड़ा करने पर उतारू हो रहे थे। समाधान शिविर में पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शिकायत कैरू पुलिस चौकी में भेजी गई थी। इसी शिकायत पर कैरू पुलिस चौकी से 30 मई को नोटिस घर भेजकर शिकायतकर्ता महिला सुमन को कैरू पुलिस चौकी बुलाया गया था, जबकि पुलिस ने आरोपी पक्ष को भी नोटिस भेजकर चौकी में हाजिर होने के निर्देश दिए थे। चौकी में दोनों पक्ष तय समय पर पहुंच गए।
सुमन का आरोप है कि वह अनपढ़ महिला है। लेकिन जब उसने पुलिस को सारी बात बताई तो पुलिस चौकी इंचार्ज उसी को धमकाने लगे और फिर विरोध करने पर कहा कि मैं चौकी का इंचार्ज हूं, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। महिला ने आरोप लगाया कि जब उसका नाबालिग बेटा पुलिस कर्मी की इस रवैये का फोन में वीडियो बनाने लगा तो उस पर भी झपट पड़ा और उसके नाबालिग बेटे को भी अंदर करने की कोशिश की और दोनों पर केस दर्ज करने की धमकी देने लगा। महिला ने कहा कि वह पुलिस के पास न्याय की आस लेकर आई थी, लेकिन पुलिस ने उसकी सुनने के बजाय मनमर्जी से लिखी शिकायत पर उसका अंगूठा लगाने का दबाव बनाया गया, लेकिन महिला ने अंगूठा लगाने से साफ इंकार कर दिया।
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चौकी में नहीं थी कोई महिला पुलिस कर्मी
जब महिला को पुलिस चौकी बुलाया गया था उस समय चौकी के अंदर कोई भी महिला पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थी, ये बात खुद चौकी इंचार्ज स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस चौकी के अंदर किसी महिला शिकायतकर्ता को बुलाकर इस तरह का दुर्व्यवहार करना पुलिस की कार्यशैली पर ही गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। नियम के अनुसार किसी भी महिला को अगर पुलिस चौकी में बुलाया जाता है तो उस समय कोई महिला पुलिस कर्मी का मौजूद रहना जरूरी होता है। भले ही चौकी में कोई अन्य महिला फरियादी के साथ आई हो या न आई हो।

समाधान शिविर की शिकायत पर झुंडावास की सुमन को नोटिस भेजकर चौकी में बुलाया गया था। मामला गली के विवाद को लेकर झगड़ा करने का था। महिला के बयान लिखवाए जा रहे थे कि वह ऊंची आवाज में बोलने लगी। उसे बस ऊंची आवाज में बोलने से रोका जा रहा था। उसके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया। चौकी में कोई महिला कर्मचारी नहीं थी।
-रवींद्र कुमार इंचार्ज कैरू पुलिस चौकी।

पुलिस चौकी में महिला के साथ ऐसा गलत व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मचारी पर विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कोई भी पीड़ित मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद पुलिस के पास न्यास की बड़ी आस लेकर आता है, जब पुलिस ही ऐसा रवैया अपनाएगी तो किससे न्याय की उम्मीद कर सकते हैं, मैं अनपढ़ महिला जरूर हूं लेकिन अपना भला बुरा समझती और कानून में पूरा विश्वास रखती हूं।
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-सुमन, झुंडावास की फरियादी महिला।
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