महज दस दिन की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली मुस्कान ने जाते-जाते दो नेत्रहीनों के जीवन में मुस्कान बिखेर दिया। मरणोपरांत बालिका के नेत्रदान नेे दो नेत्रहीनों के जीवन में रोशनी बिखेरी।
शहर के तेलीवाड़ा जैन चौक निवासी अनिल अरोड़ा व सीमा अरोड़ा की संतान मुस्कान का निधन जन्म के 10 दिनों बाद ही हो गया। माता-पिता की सहमति पर मरणोपरांत गुुरुवार की रात उसका नेत्रदान कराया गया।
राजकीय नेत्र अस्पताल के डा. मेजपाल ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराई। मासूम के इस पुण्य कार्य को ‘आप और हम नेत्रदान समिति’ के डा. मदन पसरीजा ने सराहते हुए कहा कि मुस्कान भले ही अल्पायु में दुनिया से चली गई, लेकिन उसकी आंखें अब भी जीवित हैं। उन आंखों के जरिए मुस्कान अपने परिवार और भगवान के दर्शन करती रहेगी।