भिवानी। जिले में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तकनीकी अधिकारी अब रोजाना साइटों पर पहुंचकर निर्माण सामग्री और मानकों की जांच कर रहे हैं। ग्रेप-3 लागू होने से विकास कार्यों की रफ्तार पर कुछ प्रभाव पड़ा है लेकिन निर्देशों को ध्यान में रखते हुए पंचायत, नगर परिषद और पीडब्ल्यूडी की परियोजनाएं लगातार जारी हैं। इनमें भवन निर्माण, सामुदायिक केंद्र, शिवधाम, सड़क और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में तकनीकी अधिकारी रोजाना सामग्री की जांच कर रहे हैं। निर्माण सामग्री के हर स्तर पर सैंपल लिए जा रहे हैं साथ ही सीमेंट, रोडी और क्रशर के मिलान को भी मानकों के अनुरूप परखा जा रहा है। ईंटों और अन्य भवन निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने के भी निर्देश दिए गए हैं।
हरियाणा सरकार ने गुणवत्ता सुधारने और विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से अधिकारियों को रोजाना दो से तीन साइटों का निरीक्षण कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने के आदेश जारी किए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत तकनीकी अधिकारी अब हर रोज मौके पर जाकर गुणवत्ता का आकलन कर रहे हैं।
भिवानी जिले में 35 से अधिक गांवों में शिवधाम, 75 से अधिक गांवों में फिरनी पर स्ट्रीट लाइट लगाने और कई सामुदायिक भवनों का निर्माण चल रहा है। नगर परिषद भी शहर के वार्डों में गलियों, मुख्य रास्तों के निर्माण और सुंदरीकरण कार्यों को आगे बढ़ा रही है। इन सभी कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी तकनीकी विंग के अधिकारी दैनिक निरीक्षणों के माध्यम से कर रहे हैं और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं।
जिले भर में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रोजाना ही अधिकारियों की निरीक्षण की जवाबदेही तय की गई है। कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारी रोजाना निर्माण कार्यों पर पहुंचकर निर्माण सामग्री और उसके मानकों की जांच करेंगे और संबंधित एजेंसी को दिशा-निर्देश भी देंगे। इस तरह के कदम से विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।- संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग, भिवानी।