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जिले में एक लाख 29 हजार 452 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य : नगराधीश

Thu, 29 Feb 2024 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। डीसी नरेश नरवाल के मार्गदर्शन में नगराधीश विपिन कुमार की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में वीरवार को पल्स पोलियो अभियान को लेकर एक समीक्षा बैठक हुई। नगराधीश ने बताया कि तीन से पांच मार्च तक बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का अभियान चलाया जाएगा। जिले में एक लाख 29 हजार 452 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य है। इसमें शहरी क्षेत्र में 29 हजार 824 और ग्रामीण क्षेत्र में 99 हजार 628 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी।
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बैठक में लोहारू के एसडीएम अमित कुमार भी मौजूद रहे। नगराधीश ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ पोलियो अभियान के बारे में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि तीन से पांच मार्च तक पोलियो प्रतिरक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलिया की खुराक दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि पल्स पोलियो अभियान के तहत किसी भी सूरत में कोई भी बच्चा इस दवा के सेवन से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर बच्चे को दवा पिलाने के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ स्लम बस्तियों तक जाना जरूरी है। इसी प्रकार से घुमंतू जाति के बच्चों को दवा पिलानी होगी। उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठों व भवन-निर्माण स्थलों या भवन निर्माण मजदूरों तक पहुंचना जरूरी है।

सिटीएम विपिन कुमार ने कहा कि भावी पीढ़ी को पोलियो मुक्त रखने के लिए राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को एक साथ पोलियो खुराक पिलाना एक मात्र विकल्प है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान ने कहा कि पोलियो जैसी भयंकर बीमारी का शिकार व्यक्ति न केवल अपने आप को असहाय महसूस करता है बल्कि सामान्य जीवन व्यतीत करने से भी वंचित रहता है। डॉ. सांगवान ने बताया कि 618 बूथ बनाए गए हैं। इस अभियान में दो हजार 684 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक देंगे।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा दस मोबाइल टीमों का गठन किया है। इसके अलावा 23 ट्रांजिट टीमें बनाई गई हैं। विभाग की ओर से स्लम बस्तियों के लिए 67 टीमें अलग से अलग की गई है। घूमंतू- बंजारों तक पहुंचने के लिए 26 टीमें बनाई गई हैं। ईंट भट्ठों के लिए 144 टीमें बनाई हैं। इस मौके पर उप सिविल सर्जन डा. सुनील, उप सिविल सर्जन डा. राकेश खटक व डॉ. अरुण साहरण, डब्लूएचओ से एसएमओ डॉ. सुमित कुमार, डॉ. विजय कुमार, डॉ. मोनिका, डॉ. नरेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी वैशाली और सीडीपीओ दर्शना मालवाल, सतपाल पंघाल मौजूद रहे।
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