भिवानी। अतिरिक्त नहरी पानी मिलने के बाद भी अब शहर के पुराने जलघर टैंकों से राशनिंग से सिर्फ दो बार ही आपूर्ति हो पाएगी। जनस्वास्थ्य विभाग एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति देकर चार दिन तक जल संकट को टालने का प्रयास करेगा। इसके बाद नहर में पानी आने पर टैंकों में भंडारण आरंभ होगा। पुराने जलघर के टैंकों में सिर्फ एक फुट पानी का ही भंडारण हुआ है।
मित्ताथल फीडर से जूई नहर में पाइपों के जरिए अतिरिक्त पानी डाला जा रहा है, मगर ये पानी भी वीरवार तक ही मिल पाएगा। सिंचाई विभाग के शेड्यूल के हिसाब से नौ जून को नहरों में पानी आएगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों की मानें तो अब अगले सप्ताह ही राशनिंग खत्म होने की संभावना है, क्योंकि जब तक जलघर टैंकों में पर्याप्त पानी का भंडारण नहीं होता तब तक शहर को नियमित पेयजल आपूर्ति मिलना संभव नहीं है।
सवा सौ पानी के टैंकरों से भी नहीं बुझ रही शहर की प्यास
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, नगर परिषद और विधायक एवं सांसद कोटे से मिले पानी के टैंकरों से भी शहर की विभिन्न कॉलोनियों में पानी के टैंकरों की सप्लाई दी जा रही है, बावजूद भीषण गर्मी में लोगों की प्यास नहीं बुझ रही है। अकेले जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भी रोजाना 60 पानी के टैंकर भेज रहा है। ये टैंकर अधिकांश पार्षदों के अनुरोध पर पहुंच रहे हैं। वहीं विभाग अपने स्तर पर भी पानी के टैंकर उन इलाकों में भिजवा रहा है, जहां पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। भीषण गर्मी में पानी के टैंकरों की लगातार डिमांड बढ़ रही है।
पुराने जलघर के टैंकों में मित्ताथल फीडर से जूई नहर में पानी उपलब्ध कराए जाने के बाद एक फुट भंडारण हुआ है। इससे केवल दो बार ही राशनिंग से पानी की आपूर्ति देना संभव हो पाएगा। नौ जून तक नहर आने की संभावना है। इस दौरान राशनिंग से ही आपूर्ति मिलती रहेगी। जैसे ही टैंकों में नहर आने के बाद पर्याप्त भंडारण होगा शहर को भी नियमित पेयजल आपूर्ति मिलने लगेगी। -ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
-मिताथल फीडर में वीरवार को पानी बंद हो जाएगा। इसके बाद नौ जून को सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी आने की संभावना है। हमारा प्रयास रहेगा कि शहरी और ग्रामीण सभी जलघर के पानी टैंक और तालाबों में पर्याप्त भंडारण हो सके। 1250 क्यूसेक पानी की डिमांड भी मुख्यालय से की है। -जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।