भिवानी। गर्मी की शुरुआत से पहले ही जलसंकट गहराने लगा है। वीरवार को लगातार दूसरे दिन भी सुंदर ग्रुप की सुंदर सब ब्रांच नहर बंद रखी गई। अब मित्ताथल फीडर में भी नहरी पानी का बहाव थम गया, इसकी वजह दूसरे दिन 898 क्यूसेक पानी से घटकर मात्र 444 क्यूसेक ही रह गया था।
इस पानी को जूई फीडर में चलाया गया। जबकि वीरवार को सुंदर सब ब्रांच और मित्ताथल फीडर बंद रही। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सुंदर सिस्टम की नहरों में 2210 क्यूसेक पानी की डिमांड रखी थी। लेकिन 24 के बजाय दो दिन की देरी से 26 फरवरी को नहरों में पानी आया था। शुरुआत में पानी आने के बाद नहरों में पानी का स्तर लगातार घटना चला गया। इतने कम पानी से अब जलघरों के टैंकों तक कैसे आपूर्ति होगी, यह सोचकर ही अधिकारी परेशानी से घिरे हैं।
बता दें कि सुंदर ग्रुप की नहरों में जूई फीडर के लिए 850 क्यूसेक तो मित्ताथल फीडर के लिए 380 क्यूसेक डिमांड रखी थी। इसी तरह सुंदर सब ब्रांच के लिए 950 क्यूसेक पानी की डिमांड की थी। शुरुआत से ही पानी इतना कम था कि सुंदर सब ब्रांच लगातार दूसरे दिन भी बंद रही। वहीं मित्ताथल फीडर में पहले दिन 301 क्यूसेक पानी चलने के बाद वीरवार को दूसरे दिन उसे बंद करना पड़ा।
जूई में 850 क्यूसेक पानी की डिमांड पूरी करने के मुकाबले केवल 444 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया है। अगर नहरों में पानी की स्थिति बेहतर नहीं हुई तो तीन में से केवल एक ही नहर में पानी किस्तों में मिलेगा।
ऐसे में सुंदर सिस्टम के तहत आने वाले करीब डेढ़ सौ से अधिक गांवों के जलघर टैंकों को भर पाना भी मुश्किल होगा। जबकि किसानों की सिंचाई जरूरतों के लिए तो बड़ी चुनौती बनेगी। सुंदर सिस्टम में केवल आठ दिन ही नहरी पानी मिलना है। इसमें दो दिन तो नहरों में केवल नाममात्र पानी ही चला है।
ऐसे में अब तीन से चार दिन ही बचे हैं। इतने कम समय में जलघरों को लबालब कर पाना मुश्किल है। इसी के चलते सिंचाई अधिकारियों ने दो से तीन दिन की अतिरिक्त नहरी पानी की डिमांड भी मुख्यालय से की है।
पशुओं के लिए जोहड़ों में पानी की आपूर्ति पर भी बना संकट
सुंदर सिस्टम की नहरों से अधिकांश गांवों के जोहड़ों को भी नहरी पानी की आपूर्ति दी जा रही है। गर्मी की शुरुआत में जोहड़ों के अंदर भी अब पानी के भंडारण पर संकट छाया है। अगर ग्रामीण क्षेत्र के जोहड़ों को नहरी पानी की आपूर्ति नहीं होती है तो फिर पशुओं के लिए भी पानी का संकट बनेगा। फिलहाल नहरों में पानी की स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में अधिकारी जुटे हैं।
जूई फीडर से पुराने जलघर के टैंकों को आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। नहर में कम पानी होने की वजह से पंपिंग स्टेशन से पानी लिफ्ट करने में दिक्कत आ रही है। शहर के जलघर टैंकों को नहरी पानी की पर्याप्त आपूर्ति के बाद ही नियमित पेयजल आपूर्ति दे पाना संभव होगा।
- ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।