भिवानी। हरियाणा सरकार की ओर से नई योजना के तहत हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष रूप से विधवाओं, तलाकशुदा और कानूनी रूप से अलग रहने वाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार हेतु सब्सिडी ऋण योजना शुरू की है।
वित्त वर्ष 2024-25 में तीन लाख रुपए तक का ऋण देने के लिए निगम ने 100 केसों का लक्ष्य रखा है। इच्छुक महिला स्वयं का कार्य करने के लिए ऋण के लिए निगम से संपर्क कर सकती हैं। अतिरिक्त उपायुक्त हर्षित कुमार ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम के तहत बैंकों के माध्यम से विधवा महिलाओं को लाख रुपये तक का ऋण दिलवाने की व्यवस्था की गई है। जिसे महिलाएं खुद का कार्य शुरू करके आत्मनिर्भर बन सकती है।
इस योजना के तहत जिला भिवानी के लिए 2024-2025 में 100 केसों का लक्ष्य रखा गया है। जो महिलाएं हरियाणा की स्थायी निवासी है, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। वे महिलाएं इस योजना की पात्र है। ऋण सब्सिडी योजना के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक पहले से लिए गए ऋण की डिफाल्टर नहीं होनी चाहिए। योजना के तहत समय पर किस्तों का भुगतान करने पर तीन वर्षों तक 100 प्रतिशत (अधिकतम 50,000 रुपए) ब्याज अनुदान राशि हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से दी जाएगी।
ये व्यवसाय कर महिला बन सकती हैं आत्मनिर्भर
इस योजना के अंतर्गत टेलरिंग, बुटीक, ब्यूटी पार्लर, फोटोकॉपी की दुकान, पापड़ बनाना, फूड स्टॉल, अचार बनाना, हलवाई की दुकान, बिस्कुट बनाना, हैंडलूम, ई-रिक्शा, टैक्सी और आइसक्रीम बनाने की यूनिट शामिल है।
ऋण प्राप्त करने के लिए होने चाहिए ये दस्तावेज
इस योजना के अंतर्गत विधवा महिला को ऋण का लाभ प्राप्त करने के लिए उनके पास विभिन्न दस्तावेज होना अनिवार्य है। इनमें आवेदन पत्र, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र / तलाकशुदा का प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज की फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग सर्टिफिकेट / अनुभव प्रमाण पत्र शामिल है। आवेदन करने के लिए मकान नंबर 124 विकास नगर, सब्जी मंडी के पीछे, रोहतक गेट भिवानी (मोबाइल नंबर 7507189640) स्थित महिला विकास निगम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।