भिवानी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत जिला परिषद की ओर से 25 गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य जारी है। निर्माण पूरा होते ही गांवों के लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल, पोषण परामर्श और योग संबंधी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इन केंद्रों पर चिकित्सक और आवश्यक स्वास्थ्य स्टाफ की नियुक्ति के बाद प्राथमिक उपचार के लिए शहरों की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने कहा कि जिले के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाते हुए उप-स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है ताकि मरीजों को गांव में ही समुचित सुविधा मिल सके और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी शहर की ओर नहीं जाना पड़े। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होते ही इन केंद्रों पर टीकाकरण, प्राथमिक उपचार और मातृ-शिशु देखभाल की सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध होंगी।
इन गांवों में बनाए जा रहे हैं उप-स्वास्थ्य केंद्र
गांव पातवान, मिताथल, लोहानी, गुजरानी, नूनसर, सांगवान, गोपालवास, बहल, दांग कलां, लेघा हेतवान, सीपर, मुंढाल कलां, मुंढाल खुर्द, घुसकानी, बड़सी जाटान, लोहारी जाटू, कुड़ल, गागड़वास, बड़सी-1, मंढाण, मंढाणा, चंदाबास, इंदीबाली, खानक, भेरा में जिला परिषद की तरफ से उप-स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य जारी है।
जिले के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। इसी उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। फिलहाल जिले में 25 गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य के लिए शिलान्यास हो चुका है। इसके अलावा जहां भी भवन बनाने की या मरम्मत कार्य की जरूरत है उनकी प्रक्रिया चल रही है। - डॉ. रघुबीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, भिवानी