भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षाएं इसी माह शुरू हो रही हैं। परीक्षाओं की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे ही परीक्षार्थियों की चिंताएं बढ़ रही हैं। कोई पाठ्यक्रम पूरा कवर नहीं होने को लेकर चिंतित है तो कोई याद नहीं रहने के कारण। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की सेहत पर भी पड़ रहा है, जिस कारण अभिभावक भी चिंतित है। विशेषज्ञों ने परीक्षा के तनाव से बचने के लिए रिविजन पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है।
इसके अलावा पढ़ाई के तनाव को दूर करने के लिए बीचबीच में म्यूजिक, व्यायाम का सहारा लिया जा सकता है। इन सबके बीच खाने-पीने का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है ताकि सेहत न बिगड़े। (संवाद)
12वीं की 30 मार्च तो 10वीं की परीक्षा 31 मार्च से होगी शुरू
दसवीं कक्षा (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय/रि-अपीयर/अतिरिक्त व अंक सुधार) की परीक्षाएं 31 मार्च से आरंभ होकर 26 अप्रैल तक चलेंगी। 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय/रि-अपीयर/अतिरिक्त व अंक सुधार) की परीक्षाएं 30 मार्च से आरंभ होकर 29 अप्रैल तक चलेंगी। परीक्षाएं एक ही सत्र दोपहर साढ़े 12 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक होंगी। इन परीक्षाओं में कुल छह लाख 68 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसमें दसवीं कक्षा की परीक्षा में तीन लाख 78 हजार व 12वीं कक्षा की परीक्षा में दो लाख 90 हजार परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे। पाठ्यक्रम 30 फीसदी कम किया है। परीक्षा में 40 अंक के ऑब्जेक्टिव व 40 अंक के सब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- अभिभावक अपने बच्चों से पढ़ाई के बारे में चर्चा करते रहे, ताकि वे तनाव में न आएं।
- विद्यार्थी सुबह और शाम के समय व्यायाम और योगासन जरूर करें।
- स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- रात को 10 बजे के बाद पढ़ाई न करें और सुबह पांच बजे उठकर दो घंटे जरूर पढ़ें।
- नियमित रूप से कम से कम आठ घंटे जरूर सोएं, ताकि पढ़ाई के दौरान नींद न आए।
- सोशल मीडिया के अनावश्यक प्रयोग से बचें।
- पढ़ाई संबंधित कोई दिक्कत हो तो अध्यापक से साझा करें।
- जटिल विषय को तीन से चार बार दोहराएं।
- जब भी अधिक तनाव हो तो म्यूजिक सुने और अपने पसंद के विषय को पढ़ेें।
क्या कहते हैं विद्यार्थी
जैसे-जैसे बोर्ड परीक्षा नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चिंता भी बढ़ रही है। स्कूल के बाद रोजाना घर पर पढ़ाई कर रहे हैं। जो भी विषय कमजोर लगाता है उसको अधिक बार पढ़ रहे हैं। साथ ही स्कूल में जाकर अध्यापक और घर पर अभिभावकों के साथ साझा कर रहे हैं। अगर कोई टॉपिक समझ नहीं आता है तो फोन और कंप्यूटर पर इंटरनेट की मदद से उसका संशय दूर कर रहे हैं। उम्मीद है बोर्ड परीक्षा अच्छी होगी।
- लक्षिता, छात्रा, 12वीं कक्षा।
कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद हो गए थे, जिसकी वजह से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई थी। ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने से फोन पर ही अधिकतर टॉपिक सर्च कर लेते हैं। इसके साथ ही स्कूल में अध्यापक अतिरिक्त पढ़ाई करवा रहे हैं, ताकि बोर्ड परीक्षा का बेहतर परीक्षा परिणाम आए। बोर्ड परीक्षा होने की वजह से कई बार तनाव होता है। ऐसे में अभिभावक से इस बारे में बातचीत करते है और नियमित व्यायाम भी शुरू किए हुए हैं।
- निलाक्ष यशकीर्ति, छात्र, 10वीं कक्षा।
तनावमुक्त होकर करें पढ़ाई, स्वास्थ्य का रखें ध्यान
बोर्ड परीक्षा होने की वजह से विद्यार्थियों पर विशेष फोकस है। बोर्ड की ओर से परीक्षा प्रश्नपत्र का स्वरूप जारी किया हुआ है, उसी के हिसाब से तैयारी करवाई जा रही है। विषय के जो अधिक महत्वपूर्ण चैप्टर हैं, उन्हें तीन से चार बार पढ़ाया गया है। साथ ही जो विद्यार्थी पढ़ाई में कमजोर हैं उन्हें आसान चैप्टर बताए गए हैं और उन्हें अलग से पढ़ाया जा रहा है, ताकि वे अच्छे अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण कर सकें। विद्यार्थियों से अपील है कि तनावमुक्त होकर तैयारी करें और जिस भी विषय में दिक्कत है तो अपने अध्यापक या साथियों से बेझिझक साझा कर लें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए पौष्टिक आहार का सेवन करें। रोजाना सुबह-शाम के समय व्यायाम व योगासन अवश्य करें।
- रवि कौशिक, विज्ञान अध्यापक, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कैरू।