भिवानी। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, पालुवास में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में कॅरिअर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला विस्तार विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र की डॉ. करिश्मा नंदा ने छात्रों को कृषि को एक वैज्ञानिक, तकनीकी और संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. नंदा ने विस्तार से बताया कि छात्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और देशभर के विभिन्न राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त कर इस क्षेत्र में उज्ज्वल कॅरिअर बना सकते हैं। उन्होंने इन संस्थानों के प्रवेश परीक्षा पैटर्न, कोर्स संरचना, और भविष्य में मिलने वाले रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला।
विशेष रूप से उन्होंने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार का उदाहरण देते हुए वहां की प्रवेश प्रक्रिया, उपलब्ध डिग्री कोर्स और उनके महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक व्यापक क्षेत्र है जिसमें रिसर्च, एग्री-बिजनेस, कृषि इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, पर्यावरण विज्ञान, और खाद्य प्रौद्योगिकी जैसी अनेक शाखाएं शामिल हैं।
डॉ. नंदा ने कहा कि आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी। यह न केवल खाद्य सुरक्षा का आधार है बल्कि जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और नवाचार के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र बनता जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कृषि को केवल पारंपरिक दृष्टिकोण से न देखें, बल्कि इसे एक गौरवपूर्ण, व्यावसायिक और वैज्ञानिक करियर विकल्प के रूप में अपनाएं। सत्र के अंत में छात्रों ने भी डॉ. नंदा से अपने प्रश्न पूछे और कृषि शिक्षा से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।