गांव दांग खुर्द में पानी में डूबी धान की फसल।
भिवानी। हालिया बारिश के बाद दिन में तेज धूप और बढ़ती उमस से जहां आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है वहीं यह मौसम फिलहाल किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। कृषि एवं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बाजरा, ज्वार और कपास की फसलें पकाव की ओर बढ़ रही हैं। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि अधिक नमी होने पर सिंचाई से बचें।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. देवीलाल ने बताया कि जिले में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया है। इस तरह का मौसम फसल की बढ़वार के लिए अनुकूल है। हालांकि जिन क्षेत्रों में बरसाती जलभराव बना है वहां बाजरा और कपास की फसलें प्रभावित हो रही हैं।
भिवानी जिले में करीब साढ़े सात लाख एकड़ भूमि पर खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई की गई थी जिनमें मुख्य रूप से बाजरा, कपास और दलहन शामिल हैं। इस बार अच्छी बारिश के साथ ही जिले के तीन खंडों के 25 से अधिक गांवों में बरसाती जलभराव की स्थिति बनी है। इन इलाकों में शुरूआत में फसलें अच्छे से बढ़ रही थीं लेकिन समय पर हुई भारी बारिश ने नुकसान पहुंचाया। जिले में करीब पांच हजार एकड़ कृषि भूमि पर फसल प्रभावित होने का अनुमान है।
फिलहाल जिला प्रशासन या सरकार की ओर से फसल नुकसान का सर्वेक्षण या मुआवजे की घोषणा नहीं हुई है लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता जलभराव प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं।