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Bhiwani News: सोनोलॉजिस्ट के पास पीएमओ का कार्यभार, अल्ट्रासाउंड जांच बाधित, मरीजों को करना पड़ रहा एक माह तक इंतजार

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नागरिक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र पर इंतजार करते मरीज।
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भिवानी। शहर के जिला नागरिक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र में रेडियालॉजिस्ट की कमी मरीजों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। केंद्र पर आने वाले मरीजों को अगले साल जनवरी माह के पहले सप्ताह की तारीख देकर जांच के लिए बुलाया जा रहा है। अस्पताल में जांच के लिए दो मशीनें उपलब्ध हैं जिन पर एक रेडियालॉजिस्ट और एक अल्ट्रा सोनोलॉजिस्ट की ड्यूटी लगी हुई है। लेकिन सोनोलॉजिस्ट को अस्पताल प्रभारी का कार्यभार सौंपा गया है इसलिए केंद्र पर केवल एक रेडियालॉजिस्ट ही मरीजों की जांच कर पा रहे हैं।
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इसके कारण प्रतिदिन औसतन 200 मरीजों में से मुश्किल से 70 की ही जांच संभव हो पाती है। दूसरी मशीन चालू न होने से जांच की प्रक्रिया और धीमी हो गई है और इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब तबके के मरीजों को हो रहा है जो पूरी तरह से राजकीय अस्पताल पर निर्भर हैं। केंद्र पर आने वाले मरीजों को स्टाफ उनकी स्थिति देखकर जनवरी 2026 के पहले सप्ताह की तारीख लिख कर वापस भेज देता है। कई मरीज यह स्थिति देखकर निजी केंद्रों की ओर चले जाते हैं जहां उन्हें 700 से 800 रुपये फीस चुकानी पड़ती है।
गरीब तबके के मरीजों को मजबूरी में एक माह तक पेट दर्द और असुविधा सहते हुए इंतजार करना पड़ता है। कुछ मरीज तो परेशान होकर अस्पताल प्रभारी के कार्यालय तक पहुंचते हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाता और वे बैरंग लौट जाते हैं।
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जांच के लिए प्रतिदिन 200 मरीज आते हैं
अस्पताल में वार्ड, गर्भवती, आपात विभाग और सामान्य ओपीडी के मरीजों को मिलाकर प्रतिदिन लगभग 200 मरीज जांच के लिए आते हैं। लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच का भार केवल एक रेडियालॉजिस्ट के कंधे पर होने के कारण मुश्किल से 70 मरीजों की ही जांच हो पाती है। बाकी मरीजों को एक सप्ताह से एक माह तक इंतजार करने के बाद बुलाया जाता है। अगर किसी मरीज को तत्काल जांच करवानी हो तो उसे जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में बुलाया जाता है।

मरीजों के अनुभव
मेरा इलाज पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच करवाने के लिए कहा। यहां स्टाफ ने पर्ची पर 1 जनवरी 2026 की तारीख लिख दी और कहा कि नव वर्ष पर आना। एक माह तक इंतजार करने पर इलाज प्रभावित होगा इसलिए मुझे निजी केंद्र से ही जांच करवानी पड़ेगी। - गरिमा, मरीज

रात के समय अचानक पेट में दर्द हो गया। दवा लेने के बाद थोड़ी राहत मिली लेकिन सुबह दोबारा दर्द शुरू हो गया। जांच के लिए मेडिकल कॉलेज से यहां भेजा गया। लेकिन स्टाफ ने 3 जनवरी 2026 की तारीख लिख दी। अगर एक माह तक इंतजार करना पड़ा तो निजी केंद्र से ही दवा लेनी पड़ेगी। - सुरेंद्र कुमार, मरीज

एक सप्ताह पहले पिता का अल्ट्रासाउंड जांच करवाने के लिए यहां आए थे। एक सप्ताह बाद बुलाया गया। आज जांच के लिए आए तो सुबह से यहां बैठा रखा गया। स्टाफ कह रहा है कि चिकित्सक चाय पीने गए हैं। अब देखते हैं कब जांच होगी। रिपोर्ट मिलने तक चिकित्सक छुट्टी कर जाएगा। -अमित, तीमारदार

अल्ट्रासाउंड जांच के लिए आई थी। स्टाफ ने पांच दिन बाद आने के लिए कहा। मेडिकल कॉलेज से यहां जांच के लिए भेजा गया लेकिन चिकित्सक के अनुसार जांच पांच दिन बाद ही यह संभव है। - सुनीता, मरीज


जिला नागरिक अस्पताल में हमारे पास एक ही रेडियालॉजिस्ट है। दूसरा अल्ट्रा सोनोलॉजिस्ट अभी आया है। अस्पताल में दो मशीनें हैं। जांच केंद्र में रेडियालॉजिस्ट और अल्ट्रा सोनोलॉजिस्ट की ड्यूटी लगी है लेकिन सोनोलॉजिस्ट पीएमओ का कार्य भी देख रहे हैं। उन्हें भी प्रशासनिक कार्य के साथ क्लिनिकली कार्य करना होगा ताकि प्रतिदिन 50 से 100 मरीजों की जांच वे भी कर सकें और मरीजों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। चिकित्सक की पहचान क्लिनिकली कार्य से ही होती है। - डॉ. रघुबीर शांडिल्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, भिवानी
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