मॉडल संस्कृति स्कूल की मिड-डे-मील की रसोई में बच्चों के खाना बनाने के लिए रखा गैस सिलिंडर ।
भिवानी। मिड डे मील की व्यवस्था से अब धुआं छट गया है। इसके बाद व्यवस्था गैस चूल्हे पर आ गई है। दरअसल, मिड डे मील का भोजन चूल्हे पर पकाए जाने के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। जिस पर 12 सितंबर के अंक में सरकारी स्कूलों में नियमों से खिलवाड़, मिड डे मील के चूल्हे में झोंक रहे कबाड़ शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित हुआ।
इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शहरी और ग्रामीण दायरे के मिड डे मील इंचार्जों और स्कूल मुखियाओं को चूल्हे पर मिड डे मील नहीं पकाने की सख्त हिदायतें दी वहीं गैस चूल्हे पर ही बच्चों के लिए भोजन पकाने की हिदायतें जारी कर दी। शहर के सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए मिड डे मील का भोजन चूल्हे पर पकाया जा रहा था। इसमें ईंधन के रूप में स्कूल में कबाड़ हो चुके ड्यूल डेस्क और पीपल की लकड़ियों का इस्तेमाल हो रहा था। धुएं भरे वातावरण में बच्चों का खाना पक रहा था। जबकि शिक्षा विभाग ने मिड डे मील के लिए अलग से गैस चूल्हों और पर्याप्त बर्तनों की व्यवस्था कराई हुई है।
गैस सिलिंडर रिफिलिंग का पैसा भी विभाग मुहैया करा रहा है, मगर इसके बावजूद मिड डे मील की व्यवस्था में चूल्हे का धुआं छाने से व्यवस्था ही धुंंधली हो चली थी। मामले जब सुर्खियों में आया तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इसमें कड़ा संज्ञान लिया। वहीं मॉडल संस्कृति स्कूल की मुखिया ने भी तुरंत प्रभाव से गैस सिलिंडर रिफिलिंग कराकर इसका इस्तेमाल किए जाने की सख्त हिदायतें दीं। असके बाद से ही अब बच्चों को यहां गैस सिलिंडर पर पका हुआ खाना परोसा जा रहा है।
स्कूल में गैस सिलिंडर रिफिलिंग में थोड़ी दिक्कतें इसलिए आ रही थीं कि पहले इंचार्ज का अचानक निधन हो गया और गैस कनेक्शन की कॉपी भी गुम हो गई। दोबारा से कॉपी बनवाकर अब नियमित रूप से गैस रिफिलिंग के आदेश दिए गए हैं और गैस चूल्हे पर ही मिड डे मील का भोजन पकाने की हिदायतें वर्करों को दी है। इसके अलावा मैं खुद भी मिड डे मील के भोजन की रोजाना जांच करती हूं।
-सविता घनघस, प्राचार्य, सेठ किरोडीमल मॉडल संस्कृति विद्यालय भिवानी।
हमने सभी सरकारी स्कूलों में मिड डे मील इंचार्जों और स्कूल मुखियाओं को गैस चूल्हे पर मिड डे मील पकाने की हिदायतें जारी की हैं। मैं खुद औचक निरीक्षण के दौरान स्कूलों में पहुंचकर व्यवस्थाएं जांच रही हूं, जहां भी कोताही मिली तुरंत प्रभाव से इंचार्ज पर कार्रवाई होगी।
-संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी।